Site icon Dainik Savera Times

नये साल पर कान्हा की नगरी पूरी तरह भक्ति के रंग में डूबी, देखें Video

New Year Banke biharee

New Year Banke biharee

धर्म डेस्क। नए साल 2026 के पहले दिन धर्म नगरी वृंदावन पूरी तरह भक्ति और श्रद्धा की भावना से सराबोर दिखाई दे रही है। जैसे ही सूरज की पहली किरण फैली, वैसे ही लाखों भक्त ठाकुर बांके बिहारी महाराज के दर्शन करने के लिए मंदिर पहुंच गए। पूरा माहौल ‘बांके बिहारी लाल की जय’ के जयकारों से गूंज उठा और हर ओर भक्ति की लहर दिखाई दी।

दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
भोर से पहले ही मंदिर के बाहर भक्तों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। दूर-दूर से आए लोगों ने नए साल की शुरुआत ठाकुर जी के दर्शन से करने की मंशा से यहां पहुंचकर वृंदावन को मानो एक भक्ति महाकुंभ का रूप दे दिया। हर कोई बस एक ही भाव लेकर आया– नए साल की शुरुआत भगवान के आशीर्वाद से हो।

 

नए साल की पूर्व संध्या पर अनोखा उत्सव
31 दिसंबर की रात वृंदावन के आश्रमों, धर्मशालाओं और गेस्ट हाउसों में भक्तों की भारी भीड़ जमा हुई। कई परिवार, समूह और भजन मंडलीयां मिलकर भजन, कीर्तन और संकीर्तन करती रहीं। इस बार जश्न का तरीका आम शहरों की तरह शोरगुल वाला नहीं था, बल्कि भक्ति और सादगी से भरा था।

आधी रात को केक काटा 
नए साल की रात 12 बजे का पल भी कुछ खास रहा। भक्तों ने खुशियां मनाने के लिए केक काटा, लेकिन सबसे पहले वह केक ठाकुर जी को भोग के रूप में लगाया गया। सभी का मानना था कि खुशी चाहे कितनी भी बड़ी या छोटी क्यों न हो, उसकी शुरुआत श्रीकृष्ण के चरणों में अर्पण करने से ही जीवन मंगलमय बनता है।

भक्तों ने कहा- जीवन की हर शुरुआत भगवान से
कई श्रद्धालुओं ने बताते हुए कहा – “कान्हा हमारे जीवन का आधार हैं, इसलिए नए साल का पहला क्षण उन्हीं के चरणों में अर्पित होना चाहिए।” इसी भावना और विश्वास ने नए साल की रात और सुबह दोनों पलों को वृंदावन में बेहद खास और यादगार बना दिया। वृंदावन में नव वर्ष का पहला दिन इस बात का संदेश देता है कि खुशी का सही अर्थ भक्ति और आध्यात्मिक प्रेम में है। जहां जिंदगी की शुरुआत भगवान के दर्शन और आशीर्वाद के साथ होती है, वहां हर पल शुभ और मंगलमय हो जाता है।

ये भी पढ़ेंः New Year पर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर उमड़ा आस्था का सैलाब, काशी विश्वनाथ में लगे हर-हर महादेव के जयकारे

Exit mobile version