Last Updated: September 22, 2026

Dainik Savera Times Logo

पिता हरिवंश राय बच्चन की कविता पर भावुक हुए अमिताभ बच्चन, शेयर की नई कविता

February 9, 2026

पिता हरिवंश राय बच्चन की कविता पर भावुक हुए अमिताभ बच्चन, शेयर की नई कविता

सदी के महानायक अमिताभ बच्चन 40 सालों से हर रविवार फैंस से मिलने की परंपरा निभा रहे हैं। इस परंपरा की शुरुआत फिल्म ‘कुली’ के सेट पर चोटिल होने के बाद हुई थी।

बीते रविवार को फैंस की भारी भीड़ देखकर अमिताभ बच्चन बेहद खुश हुए और उन्होंने सोशल मीडिया पर फैंस का धन्यवाद करते हुए अपने पिता हरिवंश राय बच्चन की कविता भी साझा की।

अमिताभ ने प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “कल आपके सभी उत्तर पढ़कर हृदय भावुक हो उठा, बहुत-बहुत आभार। आपके कुछ विचारों ने पूज्य बाबूजी की एक और महत्वपूर्ण कविता की याद दिला दी। कविता लंबी है, लेकिन आपकी भावनाओं को देखकर इसके कुछ शब्द साझा कर रहा हूँ।”

उन्होंने कविता की पंक्तियाँ भी साझा कीं:
“क्या करूँ संवेदना लेकर तुम्हारी क्या करूँ।
कौन है जो दूसरों को दुख अपना दे सकेगा,
कौन है जो दूसरों से दुख उसका ले सकेगा,
उस नयन से बह सकी कब इस नयन की अश्रु धारा,
तुम दुखी हो तो सुखी मैं, विश्व का अभिशाप भारी…
क्या करूँ संवेदना लेकर तुम्हारी क्या करूँ।”

फैंस ने इस पोस्ट पर जबरदस्त प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स ने कविता की पंक्तियों को अपनी जिंदगी से जोड़कर भावनाएँ व्यक्त कीं।

अमिताभ ने पहले भी पिता की एकाकी कविताएँ साझा की हैं, जिनमें ‘अब मत मेरा निर्माण करो’, ‘मूल्य दे सुख के क्षणों का’, ‘कोई गाता मैं सो जाता’, ‘मेरा तन भूखा, मन भूखा’ और ‘खिड़की से झाँक रहे तारे’ जैसी प्रसिद्ध रचनाएँ शामिल हैं।

फैंस का कहना है कि अमिताभ बच्चन की छवि और उनका फैन से जुड़ाव किसी भी मुश्किल से मिट नहीं सकता।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें