एंटरटेनमेंट डेस्क: फरहान अख्तर की आगामी फिल्म ‘120 बहादुर’ भारतीय सैन्य इतिहास की एक वीरता से भरी अनसुनी कहानी को पर्दे पर जीवंत करेगी। यह फिल्म 1962 के भारत-चीन युद्ध की उस यादगार लड़ाई रेज़ांग ला की लड़ाई को दर्शाएगी, जहां 13 कुमाऊं रेजीमेंट के केवल 120 जवानों ने एक विशाल चीनी सेना के खिलाफ अद्भुत साहस और हिम्मत दिखाई थी।
रेज़ांग ला की युद्धभूमि से 5 चौंकाने वाले तथ्य
-कम संख्या में बहादुरी का प्रदर्शन
120 जवानों ने मेजर शैतान सिंह की अगुवाई में पूरी चीनी रेजिमेंट को महीनों तक पीछे धकेलते हुए युद्ध का इतिहास रच दिया। उनकी बहादुरी को आज भी सेना की सबसे साहसिक ‘अंतिम लड़ाइयों’ में गिना जाता है।
-1000 से अधिक दुश्मनों का सफाया
कम हथियार और सीमित संसाधनों के बावजूद, इन वीरों ने करीब 1,000 चीनी सैनिकों को धराशायी किया। उनकी रणनीति और अडिग हिम्मत ने भारतीय सेना की छवि को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।
-1200 दुश्मन सैनिकों को किया खत्म
करीब 3,000 की चीनी रेजिमेंट के खिलाफ 120 भारतीय सैनिकों ने जो मुकाबला किया, वह सैन्य इतिहास की सबसे बड़ी और हैरान कर देने वाली लड़ाइयों में गिना जाता है।
–10 डिग्री सेल्सियस की शून्य तापमान में लड़ाई
16,000 फीट की ऊंचाई पर, कुमाऊं रेजीमेंट के जवानों ने बर्फीली ठंड और दुश्मन के हमलों दोनों का डटकर सामना किया। ठंड की तेज हवाओं और बर्फ में जमे हुए जूतों के बीच भी इन सैनिकों का जज्बा कम नहीं हुआ।
-शव भी जमे रहे बंदूकें थामे हुए
युद्ध के महीनों बाद, लद्दाख के एक चरवाहे ने उन सैनिकों के शव पाए जो अपनी बंदूकें थामे, गोली चलाने की मुद्रा में जमे हुए थे। यह दृश्य उनके अंतिम वीरता और बलिदान की अमिट गवाही देता है।
-फिल्म की खास बातें
फरहान अख्तर मेजर शैतान सिंह भाटी की भूमिका में हैं, जिन्होंने इस युद्ध में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था और उन्हें परम वीर चक्र से सम्मानित किया गया। इस फिल्म का निर्देशन रजनीश ‘रेज़ी’ घई ने किया है। फिल्म को एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज ने मिलकर प्रोड्यूस किया है।
‘120 बहादुर’ भारतीय सेना के उन अनकहे संघर्षों को सामने लाने वाली फिल्म है, जो न केवल इतिहास की पन्नों में हैं बल्कि देशवासियों के दिलों में भी अमर हैं। यह फिल्म 21 नवंबर 2025 को बड़े परदे पर रिलीज़ हो रही है, और दर्शकों को एक नई ऊर्जा और प्रेरणा देने के लिए तैयार है।