मुंबई (फरीद शेख): यह फिल्म भारत में तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं के भरण-पोषण के अधिकारों से संबंधित ऐतिहासिक मामले मोहम्मद अहमद खान बनाम शाह बानो बेगम (1985) पर आधारित/प्रेरित है।
कहानी शाज़िया बानो (यामी गौतम) नामक एक मुस्लिम महिला पर आधारित है, जिसका पति अब्बास (इमरान हाशमी) दूसरी शादी करने के बाद उसे और उसके बच्चों को छोड़ देता है। वह पहले तो गुजारा भत्ता देने के लिए राज़ी हो जाता है, लेकिन फिर रुक जाता है और अपनी ज़िम्मेदारी से मुकरने के लिए “तीन तलाक” कह देता है। इसके बाद शाज़िया उसे अदालत ले जाती है, जहाँ मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों, आस्था बनाम क़ानून, समुदाय बनाम व्यक्तिगत अधिकारों पर क़ानूनी और सामाजिक बहस छिड़ जाती है।

यह फ़िल्म एक निजी कहानी शादी, परित्याग, विश्वासघात से शुरू होकर अदालती दृश्यों, सार्वजनिक और राजनीतिक दांव-पेंचों के साथ एक राष्ट्रीय न्याय-नाटक में बदल जाती है।
अभिनय: शुरुआती प्रतिक्रियाएं यामी गौतम के पीड़ित से योद्धा बनने के बदलाव को दर्शाती हैं। फिल्म में, उनकी यह पंक्ति: “मैं सिर्फ़ एक मुस्लिम महिला नहीं हूँ। मैं हिंदुस्तान की एक मुस्लिम महिला हूँ…” उल्लेखनीय है। एक धूसर प्रतिपक्षी/वकील के रूप में इमरान हाशमी की भूमिका एक मज़बूत प्रतिरूप बताई जा रही है।
विषयवस्तु और प्रासंगिकता: यह फिल्म एक गंभीर, सामाजिक रूप से संवेदनशील मुद्दे—महिला अधिकार, व्यक्तिगत कानून, धार्मिक पहचान—को उठाती है और इसलिए इसका महत्व है। कई लोगों ने सार्थक सिनेमा के वादे के लिए फिल्म की प्रशंसा की है।
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दैनिक सवेरा टाइम्स न्यूज & मीडिया नेटवर्क ने यामी गौतम और इमरान हाशमी के दमदार अभिनय को 3.5 स्टार रेटिंग दी है।
हक (2025)
निर्देशक: सुपर्ण एस. वर्मा
मुख्य कलाकार: यामी गौतम धर “शाज़िया बानो” के रूप में, इमरान हाशमी “अब्बास” के रूप में
रिलीज़ तिथि: 7 नवंबर 2025