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‘Love Lottery’ में Akshay Oberoi उठाएंगे बड़ा सवाल, क्या पुरुष भी हो सकते हैं पीड़ित?

‘Love Lottery’

‘Love Lottery’

एंटरटेनमेंट डेस्क: एक्टर अक्षय ओबेरॉय अपनी आने वाली फिल्म लव लॉटरी के साथ पारंपरिक कहानी कहने के तरीके से आगे बढ़ते नज़र आएंगे। यह फिल्म जेंडर से जुड़े जटिल मुद्दों को सामने लाती है और समाज में लंबे समय से बनी धारणाओं को चुनौती देती है।

एक प्रोग्रेसिव और सोचने पर मजबूर करने वाली फिल्म के तौर पर, ‘लव लॉटरी’ एक अहम और कम चर्चा किए जाने वाले सवाल को उठाती है- क्या पुरुष भी पीड़ित हो सकते हैं? अपनी परतदार कहानी के ज़रिए यह फिल्म भावनात्मक कमज़ोरी, सामाजिक अपेक्षाओं और जेंडर के अलग-अलग अनुभवों को समझने की कोशिश करती है।

अलग और चुनौतीपूर्ण किरदारों के लिए जाने जाने वाले अक्षय इस बार एक ऐसे विषय को छू रहे हैं, जो संवेदनशील होने के साथ-साथ समाज के लिए बेहद प्रासंगिक भी है। फिल्म दर्शकों को एक संतुलित नज़रिया देने की कोशिश करती है, जिससे सहानुभूति और आत्ममंथन को बढ़ावा मिले।

इस बारे में बात करते हुए अक्षय ओबेरॉय ने कहा, “लव लॉटरी’ की सबसे खास बात मेरे लिए यह थी कि यह फिल्म ऐसे सवाल पूछने की हिम्मत करती है, जो अक्सर लोगों को असहज कर देते हैं। आज के समय में जेंडर को लेकर बातचीत बदल रही है, लेकिन कई बार यह बातचीत एकतरफा या सीमित रह जाती है। यह फिल्म किसी एक पक्ष को सही साबित करने की कोशिश नहीं करती, बल्कि लोगों की सोच को खोलने की कोशिश करती है। इसमें यह दिखाया गया है कि दर्द, कमजोरी और भावनात्मक संघर्ष किसी एक जेंडर तक सीमित नहीं होते। कई बार पुरुष भी ऐसी परिस्थितियों में होते हैं, जहां उनकी आवाज सुनी नहीं जाती या उनके अनुभवों को नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है, और इसे मान लेना किसी और के संघर्ष को कम नहीं करता, बल्कि बातचीत को और गहरा बनाता है।”

अक्षय ने आगे कहा, “एक एक्टर के तौर पर मैं हमेशा ऐसी कहानियों का हिस्सा बनना चाहता हूं जो सोच को चुनौती दें, और एक इंसान के तौर पर मुझे लगता है कि हमें ऐसी कहानियों का हिस्सा बनना चाहिए जो लोगों के बीच बातचीत शुरू करें, न कि उन्हें कोई एक निष्कर्ष दें। ‘लव लॉटरी’ किसी बात को साबित करने की कोशिश नहीं करती, बल्कि एक सवाल पूछती है और दर्शकों को उस पर सोचने का मौका देती है। अगर यह फिल्म लोगों के बीच कुछ ईमानदार बातचीत शुरू कर सके, तो मुझे लगेगा कि हमने कुछ अच्छा किया है। आखिरकार, किसी भी प्रोग्रेसिव समाज की नींव सहानुभूति पर ही टिकी होती है, और यह फिल्म उसी दिशा में एक कदम है।”

अपने अलग विषय और गहरी कहानी के साथ ‘लव लॉटरी’ एक ऐसी फिल्म बनने की ओर बढ़ रही है, जो न सिर्फ मनोरंजन करेगी, बल्कि समाज में जरूरी बातचीत को भी आगे बढ़ाएगी।

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