
एंटरटेनमेंट डेस्क: बॉलीवुड की सिल्वर स्क्रीन पर एक ऐसा संगम होने जा रहा है, जो शायद पहले कभी नहीं देखा गया एक ओर माँ काली की अपार शक्ति और दूसरी ओर एक शैतान की खौफनाक दुनिया। बहुप्रतीक्षित पौराणिक हॉरर फिल्म ‘माँ’ के ट्रेलर ने दर्शकों के रोंगटे खड़े कर दिए हैं, और अब इसके दो प्रमुख सितारे, काजोल और आर. माधवन, फिल्म के पीछे की प्रेरणाओं और अनुभवों को साझा करते नज़र आए।
-काजोल: माँ काली की भक्त, अब पर्दे पर उनकी कहानी
काजोल ने इस फिल्म को एक आध्यात्मिक यात्रा की तरह लिया। उन्होंने बताया कि ‘माँ’ की स्क्रिप्ट पढ़ने के बाद उन्हें instantly यह अहसास हुआ कि यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक आस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “मैं माँ काली से बेहद जुड़ी हूं। वे हमेशा से मेरे जीवन का हिस्सा रही हैं। इस फिल्म में उनकी शक्ति, करुणा और रक्षक रूप को जिस तरह दिखाया गया है, उसने मुझे अंदर तक झकझोर दिया।”
उनका मानना है कि यह फिल्म सिर्फ डर नहीं दिखाती, बल्कि शक्ति, आस्था और आत्म-विश्वास का भी संदेश देती है। एक माँ के रूप में, काजोल का किरदार देवी के स्वरूप से जुड़ता है, जो हर बच्चे की पहली रक्षक होती है।
-आर. माधवन: शैतान के किरदार में, डर के साये में
आर. माधवन ने अपने किरदार ‘शैतान’ को निभाना आसान नहीं बताया। एक खास दृश्य का ज़िक्र करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे उनकी बेटी जैसी बच्ची को पूरी रात तंग करने वाले दृश्य ने उन्हें खुद विचलित कर दिया। “एक अभिनेता होने के नाते मैं दृश्य को टेक्निकली निभा सकता हूँ, लेकिन एक इंसान के तौर पर वह बहुत असहज था। मैंने अपना चेहरा चादर से ढक लिया था, ताकि वह सीन खुद न देखना पड़े,”
उन्होंने कहा, यह फिल्म माधवन के लिए सिर्फ अभिनय का अनुभव नहीं, बल्कि एक गहरे स्तर पर चुनौती भी थी — अच्छाई और बुराई के बीच एक महीन रेखा पर चलना।
-फिल्म का निर्माण और रिलीज
जियो स्टूडियोज और देवगन फिल्म्स द्वारा प्रस्तुत ‘माँ’ का निर्माण अजय देवगन और ज्योति देशपांडे ने किया है, जिसमें कुमार मंगत पाठक सह-निर्माता की भूमिका में हैं। यह फिल्म 27 जून 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी और बॉलीवुड में पौराणिक हॉरर की एक नई दिशा तय करेगी।
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