एंटरटेनमेंट डेस्क: पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकवादी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस दर्दनाक घटना पर अभिनेत्री कृति खरबंदा ने अपने दिल की गहराइयों से एक भावनात्मक प्रतिक्रिया साझा की है। सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कृति ने न केवल इस त्रासदी पर अपना शोक जताया, बल्कि एक बेहद जरूरी और संवेदनशील विषय—मानसिक स्वास्थ्य—पर भी खुलकर बात की।
कृति ने लिखा, “मेरे मन में कुछ बातें गूंज रही हैं, जिन्हें साझा करना अब जरूरी हो गया है।” उन्होंने इस हादसे से जुड़े PTSD (पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर) जैसे मानसिक आघातों की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि पीड़ितों की चुप पीड़ा को समझना और उनके लिए सक्रिय रूप से मदद करना हमारी जिम्मेदारी है। अपने संदेश में कृति ने सरकार, एनजीओ और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों से अपील की कि वे पीड़ितों तक खुद पहुंचे, बजाय इसके कि वे मदद मांगने का इंतजार करें।
“हर बीतता पल उन जख्मों को और गहरा कर देता है जिन्हें हम देख नहीं पाते। हमें समझना होगा कि दुख और दर्द दिखावे के मोहताज नहीं होते,” कृति ने लिखा। इस मुश्किल समय में समाज की एकता पर भी जोर देते हुए कृति ने कहा, “आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता। यह नफरत फैलाने वालों की विकृत सोच का नतीजा है। हमें नफरत के इस जाल में फंसने से बचना चाहिए और अपनी साझा पहचान—इंसानियत—को पहले रखना चाहिए।”
कृति ने उन लोगों को भी विशेष रूप से संबोधित किया जो इस दर्द के बावजूद रोजमर्रा की जिंदगी में आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। “जो लोग आज भी भारी मन से जीवन की जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, उन्हें देखना और उनका सम्मान करना जरूरी है। आपका दर्द जायज है, आपकी जद्दोजहद मायने रखती है,” उन्होंने लिखा।
अपने संदेश के अंत में कृति ने एक प्रेरणादायक अपील की: “हमें इस त्रासदी को केवल एक दर्दनाक घटना के रूप में नहीं देखना चाहिए, बल्कि इसे एक अवसर बनाना चाहिए कि हम एक-दूसरे के प्रति करुणा और सहानुभूति में कैसे मजबूत हो सकते हैं। healing सिर्फ शारीरिक नहीं, बल्कि भावनात्मक भी जरूरी है। और इसमें हम सबकी भागीदारी जरूरी है। कृति खरबंदा का यह संदेश न केवल पहलगाम के पीड़ितों के प्रति एकजुटता का प्रतीक है, बल्कि यह पूरे समाज को संवेदनशीलता और इंसानियत के रास्ते पर चलने की प्रेरणा भी देता है।

