
एंटरटेनमेंट डेस्क: भारतीय सिनेमा में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। ‘महावतार नरसिम्हा’, जो न सिर्फ एक फिल्म है, बल्कि एक संपूर्ण सिनेमैटिक यूनिवर्स की शुरुआत भी है, उसका नया प्रोमो हाल ही में रिलीज़ किया गया है। इस प्रोमो में भक्ति, साहस और अध्यात्म की मिसाल माने जाने वाले प्रह्लाद महाराज की झलक दिखाई गई है, जिसने दर्शकों के बीच उत्साह की लहर दौड़ा दी है।
-प्रोमो की शुरुआत एक शक्तिशाली वॉयसओवर से होती है –
“राजकुमार बनकर जन्मे, संत के रूप में पूजे गए। प्रह्लाद महाराज – अंधकार के समय में भक्ति की अमर ज्योति।”
इसके साथ ही, आग, अंधकार और असुरों के बीच प्रह्लाद की अडिग आस्था को चित्रित करते हुए, फिल्म एक भव्य आध्यात्मिक यात्रा की ओर संकेत देती है।
-10 साल की महागाथा की शुरुआत
‘महावतार नरसिम्हा’ केवल एक एनिमेटेड फिल्म नहीं है। यह भारतीय संस्कृति के भगवान विष्णु के सात अवतारों पर आधारित महावतार सिनेमैटिक यूनिवर्स की पहली कड़ी है। इसकी अगली किश्तों में होंगे:
महावतार परशुराम (2027)
महावतार रघुनंदन (2029)
महावतार द्वारकाधीश (2031)
महावतार गोकुलानंद (2033)
महावतार कल्कि – पार्ट 1 (2035)
महावतार कल्कि – पार्ट 2 (2037)
-मेकर्स और विज़न
इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को निर्देशित किया है अश्विन कुमार ने, जबकि प्रोडक्शन की कमान संभाली है शिल्पा धवन, कुशल देसाई और चैतन्य देसाई ने, कलीम प्रोडक्शंस के बैनर तले। भारत की अग्रणी प्रोडक्शन हाउस होम्बले फिल्म्स के साथ यह साझेदारी फिल्म को एक वैश्विक स्तर का अनुभव देने का वादा करती है।
फिल्म के विजुअल्स, VFX और 3D तकनीक की झलक पहले ही दर्शकों को आकर्षित कर रही है। पारंपरिक कथाओं को आधुनिक सिनेमा के जरिए पेश करना इस यूनिवर्स की सबसे बड़ी खासियत होगी।
-बहुभाषी रिलीज़ और 3D अनुभव
‘महावतार नरसिम्हा’ को 25 जुलाई 2025 को 3D में और पांच प्रमुख भारतीय भाषाओं – हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम में रिलीज़ किया जाएगा। इससे यह फिल्म पैन इंडिया ऑडियंस को एकजुट करने का सामर्थ्य रखती है।
-धर्म और तकनीक का नया युग
‘महावतार नरसिम्हा’ न केवल धर्म आधारित फिल्म है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि आधुनिक तकनीक से सजी फिल्में भी संस्कृति और आस्था की गहराइयों तक पहुंच सकती हैं। यह फिल्म विशेष रूप से युवा पीढ़ी को भक्ति और धर्म के मूल्यों से जोड़ने का एक अभिनव प्रयास है।
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