गुरुग्राम: कॉन्फेडरेशन ऑफ़ इंडियन इंडस्ट्री (CII) हरियाणा ने गुरुग्राम में कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट सेक्टर पर केंद्रित ‘CII इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट (ICONEQ 2026)’ के तीसरे संस्करण का आयोजन किया। इस कॉन्फ्रेंस की थीम थी – “विकसित भारत 2047: भारत के नेक्स्ट-जेनरेशन इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट इकोसिस्टम का निर्माण।”
भारत के तेजी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के बीच आयोजित इस सम्मेलन में प्रमुख निर्माता कंपनियों, तकनीक प्रदाताओं, कंपोनेंट सप्लायर्स और अन्य उद्योग हितधारकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य निर्माण उपकरण उद्योग के भविष्य और भारत की विकास यात्रा में उभरते अवसरों पर विस्तृत चर्चा करना था।
भारत के लिए नए औद्योगिक अवसरों का दौर
सम्मेलन में मुख्य वक्तव्य देते हुए Sunil Khurana, चेयरमैन, CII ICONEQ 2026 और COO, JCB India Ltd, ने कहा कि निर्माण उपकरण उद्योग अब केवल विस्तार के चरण में नहीं है, बल्कि यह लाभकारी, टिकाऊ और वैश्विक विकास की ओर बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत का ₹12.2 लाख करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर इस सेक्टर के लिए ऐतिहासिक अवसर प्रस्तुत कर रहा है। लेकिन इस विकास को बनाए रखने के लिए R&D, ऑटोमेशन, इनोवेशन, स्किल डेवलपमेंट और उत्पादन क्षमता में निवेश आवश्यक है।
तकनीक और लोकल मैन्युफैक्चरिंग पर जोर
Saket Bhatia, चेयरमैन, CII हरियाणा और मैनेजिंग डायरेक्टर, Bony Polymers Pvt Ltd, ने कहा कि ICONEQ अब उद्योग का एक प्रमुख प्लेटफॉर्म बन चुका है। उन्होंने बताया कि हरियाणा निर्माण उपकरण उद्योग का एक महत्वपूर्ण मैन्युफैक्चरिंग हब बनकर उभर रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि अगले चरण की वृद्धि टेक्नोलॉजी अपनाने, डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग, लोकलाइजेशन और मजबूत सप्लाई चेन पर निर्भर करेगी।
बुनियादी ढांचे के विस्तार से बढ़ी मांग
Abhimanyu Sharaff, इमीडिएट पास्ट चेयरमैन, CII हरियाणा और मैनेजिंग डायरेक्टर, Sanden Vikas (India) Pvt Ltd, ने कहा कि भारत में हाईवे, एयरपोर्ट, मेट्रो नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का तेजी से विस्तार हो रहा है, जिससे निर्माण उपकरणों की मांग लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने बताया कि उद्योग वर्तमान में लगभग 1.5 लाख मशीनें सालाना बेच रहा है, जिनमें लगभग 1 लाख बड़ी मशीनें शामिल हैं। आने वाले वर्षों में इसमें और वृद्धि की संभावना है।
स्मार्ट और डिजिटल निर्माण पर चर्चा
सम्मेलन में स्मार्ट कंस्ट्रक्शन, ESG, सप्लाई चेन रेजिलिएंस, लोकलाइजेशन और ग्लोबल कॉम्पिटिटिवनेस जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने कहा कि भारत को घरेलू मांग पूरी करने के साथ-साथ वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
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Viksit Bharat 2047 की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
प्रतिभागियों ने इस बात पर जोर दिया कि निर्माण उपकरण उद्योग भारत के “Viksit Bharat 2047” विजन में अहम भूमिका निभाएगा। यह सेक्टर नवाचार, तकनीक, स्थिरता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के जरिए देश की इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरतों को मजबूत आधार देगा।