एंटरटेनमेंट डेस्क: भारतीय फिल्म जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता तमिल सिनेमैटोग्राफर और निर्देशक आर. चेलियन का 57 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वह लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। शुक्रवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से तमिल फिल्म इंडस्ट्री और पूरे भारतीय सिनेमा जगत में शोक की लहर है। फिल्मी हस्तियां और प्रशंसक सोशल मीडिया के जरिए उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
तमिलनाडु के शिवगंगा में जन्मे आर. चेलियन ने शुरुआत में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। हालांकि, उन्हें फोटोग्राफी और कैमरे से बेहद लगाव था। अपने इसी जुनून के चलते उन्होंने इंजीनियरिंग छोड़ सिनेमैटोग्राफी को अपना करियर बनाया। अपनी बेहतरीन कैमरा तकनीक और विजुअल स्टाइल की बदौलत उन्होंने तमिल सिनेमा में खास पहचान बनाई।
आर. चेलियन ने अपने करियर में कई सफल और समीक्षकों द्वारा सराही गई फिल्मों में सिनेमैटोग्राफर के रूप में काम किया। इनमें ‘परदेशी’, ‘जोकर’, ‘तेनमेरकु परुवाकात्रु’ और ‘कोंड्राल पावं’ जैसी फिल्में शामिल हैं। उनकी सिनेमैटोग्राफी को हमेशा दर्शकों और फिल्म समीक्षकों ने सराहा।
कैमरे के पीछे अपनी पहचान बनाने के बाद आर. चेलियन ने निर्देशन की दुनिया में भी कदम रखा। साल 2017 में उन्होंने फिल्म ‘टू लेट’ (To Let) का निर्देशन किया। उनकी पहली ही फिल्म को शानदार प्रतिक्रिया मिली और इसे सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि उनके करियर की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक मानी जाती है।
फिल्म ‘टू लेट’ एक मध्यमवर्गीय परिवार की कहानी है, जिसे मकान मालिक द्वारा घर खाली करने के लिए कहा जाता है। इसके बाद परिवार नए किराए के घर की तलाश में कई परेशानियों का सामना करता है। फिल्म में धरुन बाला, शीला राजकुमार, रवि सुब्रमण्यम और आधीरा पांडिलक्ष्मी ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं।
इस फिल्म ने समाज के एक वास्तविक और संवेदनशील मुद्दे को बेहद प्रभावशाली तरीके से दिखाया, जिसकी देश और विदेश में खूब सराहना हुई। आर. चेलियन का निधन भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। उन्होंने अपने कैमरे और निर्देशन के जरिए कई यादगार फिल्में दीं। उनका काम आने वाली पीढ़ियों के फिल्मकारों के लिए हमेशा प्रेरणा बना रहेगा।
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