एंटरटेनमेंट डेस्क (फरीद शेख): “‘पेद्दी’ 1990 के दशक की पृष्ठभूमि पर आधारित एक ग्रामीण कहानी है, जहां एक ऐसा गांव बसता है जिसे सरकारी नक्शों और दस्तावेजों में कोई पहचान नहीं मिली है। राम चरण एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी की भूमिका में हैं, जो स्थानीय क्रिकेट मुकाबलों में अलग-अलग टीमों का हिस्सा बनकर अपनी पहचान बनाता है। उसकी जिंदगी तब नया मोड़ लेती है जब वह Appalasuri (जगपति बाबू) के उस मिशन से जुड़ता है, जिसका उद्देश्य गांव को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।
इसके बाद कहानी संघर्ष, सपनों, आत्मसम्मान और सामुदायिक एकता की भावनात्मक यात्रा बन जाती है, जिसमें खेल कई अहम मोड़ों का कारण बनता है। विजयनगरम जिले की पहाड़ियों के नीचे बसा एक गांव ऐसा है जिसका कोई सरकारी अस्तित्व नहीं है। वहां रहने वाले लोगों के पास पहचान नहीं, वोट देने का अधिकार नहीं और बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं।
राम चरण ने अपने करियर की सबसे दमदार और ईमानदार परफॉर्मेंस दी है। उनका लुक, बोली पर पकड़ और भावनात्मक दृश्यों में किया गया अभिनय दिल को छू जाता है। खासकर फिल्म के दूसरे हिस्से में वह कई जगह दर्शकों को भावुक कर देते हैं।
शिव राजकुमार छोटी लेकिन यादगार भूमिका में नजर आते हैं। उनके और राम चरण के बीच का रिश्ता फिल्म की सबसे बड़ी खूबियों में से एक है।
जगपति बाबू ने अपने किरदार को पूरी शिद्दत से निभाया है और कई दृश्यों में अच्छा प्रभाव छोड़ते हैं।
जाह्नवी कपूर स्क्रीन पर अच्छी मौजूदगी दर्ज कराती हैं और अपने किरदार के साथ न्याय करती हैं। हालांकि उन्हें थोड़ा और स्क्रीन टाइम और मजबूत दृश्य मिलते, तो उनका असर फिल्म में और भी ज्यादा देखने को मिलता। उनके किरदार में काफी संभावनाएं थीं, लेकिन कहानी ने उन्हें ज्यादा मौके नहीं दिए।

पेड्डी एक भावनात्मक और प्रेरणादायक फिल्म है, जो खेल, संघर्ष और अपने अस्तित्व की पहचान की लड़ाई को दिल छू लेने वाले अंदाज में पेश करती है। फिल्म में कुछ कमियां जरूर हैं, लेकिन इसकी मजबूत भावनाएं, शानदार प्रदर्शन और प्रेरक संदेश इन कमियों पर भारी पड़ते हैं। राम चरण ने अपने करियर की बेहतरीन परफॉर्मेंस में से एक दी है, जबकि क्लाइमैक्स दर्शकों पर गहरा प्रभाव छोड़ता है।
अगर आपको खेलों पर आधारित, संघर्ष और इंसानी जज्बातों से जुड़ी कहानियां पसंद हैं, तो पेड्डी आपको जरूर पसंद आएगी। यह एक ऐसी फिल्म है जिसे आप पूरे परिवार के साथ देख सकते हैं, और बच्चों को भी दिखा सकते हैं क्योंकि इसमें मेहनत, आत्मविश्वास और अपने सपनों के लिए लड़ने का सकारात्मक संदेश है।
Dainik Savera Times News Media Network इस फिल्म को 3.5/5 स्टार देता है।