आज के दौर में, जब बड़े पर्दे पर अक्सर फॉर्मूला फिल्मों और सुरक्षित कहानियों का दबदबा देखने को मिलता है, ऐसे समय में 'बंदर' एक ताजा और साहसी सिनेमाई अनुभव बनकर सामने आती है।
मां बहन एक डार्क कॉमेडी फिल्म है, जिसकी कहानी रेखा (माधुरी दीक्षित) और उनकी दो अलग हो चुकी बेटियों जया (तृप्ति डिमरी) और सुषमा (धारणा दुर्गा) के इर्द-गिर्द घूमती है।
"‘पेद्दी’ 1990 के दशक की पृष्ठभूमि पर आधारित एक ग्रामीण कहानी है, जहां एक ऐसा गांव बसता है जिसे सरकारी नक्शों और दस्तावेजों में कोई पहचान नहीं मिली है।
पहली नज़र में पति पत्नी और वो दो एक सीधी-सादी सिचुएशनल कॉमेडी लगती है, लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, यह गलतफहमियों, छोटे-छोटे झूठ और संयोगों से भरे ऐसे जाल में बदल जाती है जहाँ हर घटना अगले बड़े बवाल की वजह बनती है।
‘दादी की शादी’ एक ऐसी फिल्म है जो एक अच्छे और दिल छू लेने वाले कॉन्सेप्ट के साथ आती है, लेकिन कमजोर PR रणनीति और सीमित प्रमोशन की वजह से वह अपनी असली दर्शक वर्ग तक पूरी तरह पहुंच नहीं पाती।
फ़रीद शेख: ‘दो दीवाने शहर में’ (2026) एक भावनात्मक प्रेम कहानी है, जो बड़े शहर की भीड़ में अपनी पहचान ढूंढते दो युवाओं की ज़िंदगी को दिखाती है। फिल्म का फोकस सिर्फ रोमांस पर नहीं, बल्कि आज की पीढ़ी की उलझनों, करियर के दबाव और रिश्तों की नाजुकता पर भी है। कहानी फिल्म की कहानी.
Shatak Movie Review(फरीद शेख): भारत तेज़ सोच और लगातार बदलती रायों का देश है। हर कोने में चर्चा होती है, हर मुद्दे पर लोग अपनी-अपनी कहानी गढ़ते हैं। ऐसे में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का नाम भी हमेशा सामने आता है, कभी तारीफ में, कभी बहस में। सौ साल पहले की शुरूआत आज की दुनिया.