Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्टर राजपाल यादव को चेक बाउंस से जुड़े मामलों में राहत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने निचली अदालत के फैसले को सही मानते हुए उनकी दोषसिद्धि को बरकरार रखा है। यह फैसला जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की एकल पीठ ने सुनाया। राजपाल यादव ने निचली अदालत के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन अदालत ने उनकी सभी दलीलों को खारिज कर दिया।
मामला चेक बाउंस के कुल सात मामलों से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने प्रत्येक मामले में राजपाल यादव को तीन-तीन महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। इसका मतलब है कि उन्हें अलग-अलग सात बार सजा नहीं काटनी होगी, बल्कि कुल तीन महीने का ही कारावास भुगतना होगा। सजा के अलावा अदालत ने हर मामले में 1.05 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस तरह सातों मामलों को मिलाकर कुल जुर्माना 7.35 करोड़ रुपये बनता है।
अदालत के आदेश के अनुसार, प्रत्येक मामले में 1 करोड़ 4 लाख 75 हजार रुपये शिकायतकर्ता को दिए जाएंगे और 25 हजार रुपये राज्य सरकार के खाते में जमा किए जाएंगे।
अपने फैसले में जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने कहा कि अदालत ने राजपाल यादव को पहले भी कई अवसर दिए थे ताकि वे अदालत में दिए गए अपने अंडरटेकिंग का पालन कर सकें, लेकिन बार-बार मौका मिलने के बावजूद उन्होंने अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं की। इसी वजह से अदालत ने निचली अदालत के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया और उनकी दोषसिद्धि तथा सजा को बरकरार रखा।
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