एंटरटेनमेंट डेस्क: समकालीन भारतीय थिएटर के लिए ये एक ऐतिहासिक पल है। क्षितिज पटवर्धन का क्रिटिकली अक्लेम्ड प्ले भूमिका अब आधिकारिक तौर पर मुंबई यूनिवर्सिटी के बी.ए. कोर्स का हिस्सा बन चुका है। मतलब साफ है ये नाटक अब सिर्फ स्टेज तक सीमित नहीं, बल्कि ‘मॉडर्न क्लासिक’ बनकर किताबों में भी जगह बना चुका है।

आज के दौर में जहां पहचान और सोच के मुद्दे अक्सर टकराते हैं, वहीं भूमिका इंसानियत, तर्क और ईमानदारी जैसे मूल्यों को जोरदार तरीके से सामने लाता है। शायद यही वजह है कि मराठी बोर्ड ऑफ स्टडीज़ ने इसे सिलेबस में शामिल करने का फैसला लिया।
इस नाटक की एक और खास बात 21 साल बाद सचिन खेडेकर की दमदार स्टेज वापसी! और डायरेक्शन किया है दिग्गज चंद्रकांत कुलकर्णी ने। भूमिका एक एक्टर की जिंदगी के उस हिस्से में झांकता है, जहां असलियत और परफॉर्मेंस के बीच की लाइन धुंधली हो जाती है पूरा साइकोलॉजिकल रोलरकोस्टर!
अकादमिक पहचान के अलावा भी भूमिका ने कई बड़े मुकाम हासिल किए हैं। इसे मास्टर दीनानाथ मंगेशकर सम्मान से नवाज़ा जा चुका है और ये नाटक अब तक 15 बड़े अवॉर्ड्स अपने नाम कर चुका है। इसकी लिटरेरी वैल्यू का अंदाज़ा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि इसके बुक लॉन्च पर खुद जावेद अख्तर मौजूद थे।
देश के कई बड़े नामों ने इस नाटक की जमकर तारीफ की है प्रकाश आंबेडकर, जावेद अख्तर, परेश रावल, विकास दिव्यकीर्ति, आईपीएस मनोज कुमार शर्मा, आशुतोष गोवारीकर, कुमार केतकर, फिरोज अब्बास खान और कई नामचीन कलाकार व बुद्धिजीवी।
आशुतोष गोवारीकर ने इसे ‘क्लासिक’ कहा, तो वहीं परेश रावल ने इसे आधुनिक मराठी थिएटर की ताकत का जीता-जागता सबूत बताया। दर्शकों के बीच भी भूमिका ने जबरदस्त कनेक्शन बनाया है सिर्फ एक साल में 125 शोज़ पूरे करना कोई छोटी बात नहीं!
अब भूमिका 22 मई 2026 को मुंबई के नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर (NMACC) के ग्रैंड थिएटर में एक खास शो के लिए तैयार है। और अब जब ये नाटक यूनिवर्सिटी के सिलेबस का हिस्सा बन गया है, तो नई पीढ़ी के स्टूडेंट्स इसके लेखन, सोच और कहानी कहने के अंदाज़ को और करीब से समझ पाएंगे।
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