Last Updated: November 5, 2026

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Saira Banu Birthday Special: सायरा बानो को साड़ी में देखते ही दिल हार बैठे थे दिलीप कुमार, ऐसे शुरू हुई थी दोनों की प्रेम कहानी

August 22, 2026

Saira Banu Birthday Special: सायरा बानो को साड़ी में देखते ही दिल हार बैठे थे दिलीप कुमार, ऐसे शुरू हुई थी दोनों की प्रेम कहानी

Saira Banu Birthday Special: हिंदी सिनेमा में पर्दे पर अपनी अदाकारी और खूबसूरती से लोगों का दिल जीतने वाली सायरा बानो असल जिंदगी में बचपन से ही दिलीप कुमार की दीवानी थीं। एक बार सायरा के बर्थडे पर उनकी मां के बुलाने पर दिलीप कुमार भी पार्टी में पहुंचे, साड़ी पहने सायरा को देखकर उनकी नजर ठहर गई। दिलीप साहब ने पहली बार उन्हें एक खूबसूरत महिला के रूप में नोटिस किया और यहीं से दोनों की प्रेम कहानी ने नया मोड़ ले लिया।

23 अगस्त 1944 को मसूरी में जन्मीं सायरा बानो फिल्मी परिवार से ताल्लुक रखती थीं। उनकी मां नसीम बानो अपने दौर की मशहूर अभिनेत्री थीं। सायरा ने कम उम्र से ही फिल्मी दुनिया के लिए खुद को तैयार करना शुरू कर दिया था। उन्होंने कथक और भरतनाट्यम जैसे शास्त्रीय नृत्य सीखे और बाद में हिंदी सिनेमा में कदम रखा। साल 1961 में फिल्म ‘जंगली’ से उनका फिल्मी सफर शुरू हुआ। शम्मी कपूर के साथ आई यह फिल्म सुपरहिट रही और सायरा देखते ही देखते स्टार बन गईं।

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लेकिन सायरा के दिल में बचपन से ही एक अलग ही सपना पल रहा था। वह दिलीप कुमार की बहुत बड़ी प्रशंसक थीं। बताया जाता है कि जब वह करीब 12 साल की थीं, तब एक दिन दिलीप कुमार की फिल्म देखते हुए उन्होंने अपनी मां से कह दिया था कि वह बड़ी होकर दिलीप साहब से शादी करेंगी। मां ने उनकी बात को बचपन का सपना समझकर हंसकर टाल दिया। लेकिन किसे पता था कि यह मासूम-सी बात एक दिन सच हो जाएगी।

सायरा जब लंदन में पढ़ रही थीं, तब भी दिलीप कुमार उनके सपनों में आया करते थे। वह चाहती थीं कि एक दिन वह ‘मिसेज दिलीप कुमार’ बनें। यहां तक कि उन्होंने दिलीप कुमार की पसंद और शौक को जानने की कोशिश की। जब उन्हें पता चला कि दिलीप साहब को सितार का शौक है, तो उन्होंने भी सितार सीखना शुरू कर दिया। दिलीप कुमार उर्दू में माहिर थे, इसलिए सायरा ने उर्दू सीखने में भी दिलचस्पी ली।

फिर आया वह दिन, जिसने दोनों की जिंदगी की दिशा बदल दी। 23 अगस्त 1966 को सायरा बानो का जन्मदिन था। उनकी मां ने घर पर एक पार्टी रखी थी। फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई लोग वहां पहुंचे थे। सायरा भी शूटिंग से लौटकर पार्टी में पहुंचीं। उन्होंने खूबसूरत साड़ी पहन रखी थी और बाल भी सलीके से बनाए थे।

अचानक पार्टी में दिलीप कुमार की एंट्री हुई। सायरा की मां ने उन्हें खास तौर पर बुलाया था। सायरा के लिए यह किसी सपने के सच होने जैसा था। उस रात उन्होंने पहली बार महसूस किया कि दिलीप कुमार उन्हें एक अलग नजर से देख रहे हैं। दिलीप साहब ने उनसे हाथ मिलाया और उनकी तारीफ करते हुए कहा कि वह अब एक ‘लवली वुमन’ बन चुकी हैं। यह वही पल था, जब सायरा के मुताबिक दिलीप कुमार ने उन्हें पहली बार गौर से नोटिस किया।

इसके अगले दिन दिलीप कुमार का फोन आया। उन्होंने पिछली रात के डिनर और पार्टी के लिए सायरा को धन्यवाद दिया। इसके बाद दोनों के बीच मुलाकातों का सिलसिला शुरू हो गया। सायरा के मुताबिक, दिलीप कुमार मद्रास से आते और उनके घर पर डिनर करने के बाद शूटिंग के लिए चले जाते थे। करीब आठ दिन तक दोनों के बीच मुलाकात और बातचीत का सिलसिला चलता रहा।

फिर आठवें दिन दिलीप कुमार ने सायरा के परिवार के सामने शादी की इच्छा जाहिर कर दी। वह सायरा की मां और दादी के पास गए और उनसे कहा कि वह उनकी बेटी से शादी करना चाहते हैं। सायरा के लिए तो यह वही सपना था, जिसे उन्होंने बचपन में देखा था।

11 अक्टूबर 1966 को दिलीप कुमार और सायरा बानो ने निकाह कर लिया। उस समय सायरा 22 साल की थीं, जबकि दिलीप कुमार उनसे उम्र में 22 साल बड़े थे और 44 वर्ष के थे। उम्र का यह अंतर उनके रिश्ते के बीच कभी बड़ी दीवार नहीं बना। दोनों ने साथ मिलकर जिंदगी के उतार-चढ़ाव देखे।

सायरा और दिलीप कुमार ने फिल्मों में भी साथ काम किया। दोनों ‘गोपी’ और ‘सगीना’ जैसी फिल्मों में नजर आए। हालांकि, पर्दे से ज्यादा उनकी जोड़ी को लोगों ने असल जिंदगी में पसंद किया। सायरा दिलीप कुमार को प्यार से ‘साहब’ कहकर बुलाती थीं और हमेशा उनके प्रति अपना प्यार और सम्मान खुलकर जाहिर करती रहीं।

उनकी जिंदगी में मुश्किल दौर भी आए। दोनों की कोई संतान नहीं हुई। सायरा के गर्भवती होने और बाद में गर्भपात होने की घटना ने दोनों को गहरा दुख दिया। इसके बावजूद दोनों ने इसे किस्मत और ईश्वर की इच्छा मानकर जिंदगी को आगे बढ़ाया।

दिलीप कुमार के जीवन में एक ऐसा दौर भी आया जब उन्होंने 1981 में अस्मा रहमान से दूसरी शादी की। यह रिश्ता ज्यादा समय नहीं चला और करीब दो साल बाद दोनों अलग हो गए। इसके बाद दिलीप कुमार फिर सायरा बानो के पास लौट आए। सायरा ने भी अपने रिश्ते को संभाला और दोनों साथ रहे।

7 जुलाई 2021 को दिलीप कुमार का निधन हुआ तो सायरा बानो पूरी तरह टूट गईं। लेकिन उनका प्यार खत्म नहीं हुआ। आज भी वह सोशल मीडिया और इंटरव्यू के जरिए दिलीप कुमार से जुड़ी यादें साझा करती रहती हैं।

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