
एंटरटेनमेंट डेस्क: संस्कृति जयना ने बहुचर्चित पौराणिक महाकाव्य फिल्म कृष्णावतारम से बड़े पर्दे पर दमदार शुरुआत की है। इस फिल्म में उन्होंने सत्यभामा का किरदार निभाया है। फिल्म के सबसे भावनात्मक और बहुआयामी पात्रों में से एक सत्यभामा की भूमिका निभाकर संस्कृति ने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। हाल ही में उन्होंने कृष्णावतारम में सत्यभामा का किरदार निभाने के दौरान मिले अनुभवों और सीखों के बारे में खुलकर बात की।
इस बारे में बात करते हुए संस्कृति ने कहा, “सत्यभामा से मैंने जो सबसे बड़ी सीख ली, वह यह है कि उन्होंने हमेशा सत्य और न्याय का साथ दिया। उनके नाम के साथ ‘सत्य’ इसलिए जुड़ा क्योंकि वे कभी भी सही बात के लिए खड़े होने से नहीं डरती थीं, चाहे इसके लिए उन्हें अपने पिता के खिलाफ जाना पड़े या स्वयं कृष्ण के सामने अपनी बात रखनी पड़े। यह बात मैंने उनसे सीखी कि जो सही है, उसके लिए आवाज़ उठानी चाहिए।

इसके अलावा, वे बेहद निडर, साहसी और अपने स्वभाव के प्रति पूरी तरह ईमानदार थीं। उन्होंने मुझे हर भावना को पूरी तरह महसूस करना और उसे स्वीकार करना सिखाया। और कृष्ण के प्रति उनका प्रेम मेरे दिल में हमेशा के लिए बस गया है। कृष्ण के प्रति यह प्रेम संस्कृति के हृदय में भी हमेशा रहेगा। सत्यभामा की वजह से मैं कृष्ण के और करीब आ सकी, और यह उनके द्वारा मुझे मिला सबसे दिव्य उपहार है।”
हार्दिक गज्जर द्वारा निर्देशित कृष्णावतारम को क्रिएटिवलैंड स्टूडियोज एंटरटेनमेंट के साजन राज कुरुप और शोभा संत ने प्रस्तुत और निर्मित किया है। वहीं, अथाश्रीकथा मोशन पिक्चर्स के पूनम श्रॉफ और पार्थ गज्जर भी इसके निर्माता हैं। यह फिल्म एक महत्वाकांक्षी तीन-भागीय सिनेमाई फ्रेंचाइज़ी के पहले अध्याय के रूप में कल्पित की गई है और वर्तमान में सिनेमाघरों में सफलतापूर्वक प्रदर्शित हो रही है।
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