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“Son of Sardar 2” Movie Review: फैमिली एंटरटेनमेंट का सुपरहिट पैकेज, परिवार और दोस्तों के साथ जरूर जाएँ देखने

मुंबई(फरीद शेख) : सन ऑफ़ सरदार 2 जसविंदर ‘जस्सी’ सिंह रंधावा (अजय देवगन) के जीवन पर आधारित है, जो एक सरदार है और पंजाब में अपनी बूढ़ी माँ के साथ रहता है। वह अपनी पत्नी डिंपल (नीरू बाजवा) से मिलने इंग्लैंड जाता है, जो सालों पहले नौकरी के सिलसिले में विदेश चली गई थी। जब चीजें उसकी योजना के अनुसार नहीं होतीं, तो जस्सी की मुलाकात राबिया (मृणाल ठाकुर) से होती है – एक पाकिस्तानी लड़की जो अपनी सौतेली बेटी सबा (रोशनी वालिया), पति दानिश (चंकी पांडे) और दो दोस्तों, एक टैन्सवुमन गुल (दीपक डोबरियाल) और एक आज़ाद ख्याल मेहविश (कुब्रा सैत) के साथ मिलकर एक डांस कंपनी चलाती है।

जैसे-जैसे उनकी राहें आपस में जुड़ती जाती हैं, हमें सबा के प्रेमी गोगी (साहिल मेहता) और उसके चरवाहे परिवार से मिलवाया जाता है, जिसमें उसके माता-पिता राजा (रवि किशन) और प्रेमलता (अश्विनी कालसेकर), दादा रंजीत सिंह (शरत सक्सेना) और चाचा टोनी और टीटू (क्रमशः मुकुल देव और विंदू दारा सिंह द्वारा अभिनीत) शामिल हैं।

जस्सी और उसकी लड़कियों का गिरोह सबा की शादी करवाने के लिए एक के बाद एक झूठ बोलता है, वहीं होने वाले दूल्हे के परिवार में भी चौंकाने वाले राज़ खुलते हैं। क्या होगा जब राजा और उसके परिवार को जस्सी और राबिया द्वारा बुने गए झूठ का पता चलेगा? क्या सबा और गोगी की शादी होगी? क्या जस्सी और राबिया हमेशा खुश रहेंगे? इन सवालों के जवाब जानने के लिए, आपको सन ऑफ़ सरदार 2 देखना होगा,

अभिनय की बात करें तो यह फिल्म रवि किशन और दीपक डोबरियाल की है। उन्हें फिल्म में कुछ बेहतरीन सीन दिए गए हैं और उनकी कॉमिक टाइमिंग भी लाजवाब है! साथ ही, यह देखकर हैरानी हुई कि अजय देवगन जैसे स्टार ने पूरा क्लाइमेक्स रवि किशन को दिया। यह बेहद प्रभावशाली है क्योंकि किसी स्टार की फिल्म में ऐसा कम ही देखने को मिलता है!

जस्सी के रूप में अजय देवगन ने कमाल का काम किया है, खासकर उन सीन में जहाँ उन्हें ज़बरदस्त कॉमेडी करनी है। मृणाल ठाकुर फिल्म में बेहद खूबसूरत लग रही हैं और उन्हें कई ऐसे सीन दिए गए हैं जिनमें उन्होंने कमाल का अभिनय किया है और साबित किया है कि वह सहजता से कॉमेडी कर सकती हैं।

कुब्रा सैत, विंदू दारा सिंह, मुकुल देव, शरत सक्सेना, रोशनी वालिया, साहिल मेहता और चंकी पांडे जैसे अन्य सहायक कलाकार अपनी-अपनी भूमिकाओं में बहुत अच्छे हैं। लेकिन अश्विनी कालसेकर और संजय मिश्रा बेकार गए।

इस साफ़-सुथरी कॉमेडी को देखने के लिए परिवार और दोस्तों के साथ सिनेमाघरों में ज़रूर जाएँ, जो आपको कॉमेडी के नाम पर परोसी जाने वाली बेवकूफ़ी से छुटकारा दिलाएगी।

दैनिक सवेरा टाइम्स न्यूज मीडिया नेटवर्क इस फिल्म को 4 स्टार रेटिंग देता है।

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