Last Updated: September 21, 2026

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Thamma Movie Review: इस दिवाली मैडॉक हॉररवर्स लेकर आया है दर्शकों के लिए हॉरर, कॉमेडी और रोमांस का जबरदस्त मेल

October 21, 2025

Thamma Movie Review: इस दिवाली मैडॉक हॉररवर्स लेकर आया है दर्शकों के लिए हॉरर, कॉमेडी और रोमांस का जबरदस्त मेल

एंटरटेनमेंट डेस्क(फरीद शेख): हॉरर फिल्मों का नाम लेते ही एक रोमांच और उत्साह का माहौल बन जाता है। और जब बात मैडॉक फिल्म्स के हॉररवर्स की हो, तो दर्शक पूरी तरह उसकी दुनिया में डूब जाने को तैयार रहते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए, डायरेक्टर आदित्य सरपोतदार ने थामा पेश की है, जिसने अपने रोमांचक और रहस्यमयी अंदाज़ से इस हॉरर यूनिवर्स को और भी मज़बूती और गहराई दी है।

कहानी

थामा की कहानी घूमती है एक छोटे शहर के पत्रकार यानी आयुष्मान खुराना के इर्द-गिर्द, जिसकी ज़िंदगी कुछ अजीबो गरीब और अलौकिक घटनाओं के चलते बिल्कुल बदल जाती है। रहस्यमयी परछाइयाँ, पुरानी कथाओं के भूतिया परछाइयों और अनजानी ताकतें उसे ऐसी दुनिया ले जाती हैं, जिससे फिल्म की कहानी रोमांचक होने के साथ ही दर्शकों को हर मोड पर अपने साथ बांधे रखती है। जहाँ डर और हँसी हाथ में हाथ डालकर चलते हैं। यह सिर्फ डराने वाली फिल्म नहीं है बल्कि असल मायने में यह इंसानी भावनाओं, रिश्तों और हल्के-फुल्के कॉमिक पलों के साथ हॉरर का एक नया रूप है।

लीड कास्ट

आयुष्मान खुराना ने छोटे शहर के पत्रकार की भूमिका में सहजता और गहराई का बेहतरीन मिश्रण दिखाया है। रश्मिका मंदाना अपनी इमोशनल और मासूमियत भरी परफॉर्मेंस के साथ हर सीन में चार चाँद लगा देती हैं। और जब ये दोनों स्क्रीन पर साथ आते हैं, तो डर भी लगता है और हँसी भी, एकदम मज़ेदार कॉमिक ट्विस्ट के साथ।

सपोर्टिंग कास्ट

परेश रावल अपनी कॉमिक अंदाज़ से फिल्म का माहौल हल्का-फुल्का बनाए रखते हैं, लेकिन नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी का किरदार स्क्रीन पर अंधेरे और सस्पेंस की एक घनी छाया छोड़ता है। वहीं, जब सत्यराज ‘एल्विस’ के रूप में वापस आते हैं, तो माहौल और भी डरावना हो जाता है, और उनकी एंट्री सीधे स्त्री 2 से जुड़ी रहस्यमयी कड़ियों की तरफ इशारा करती है, जो कहानी में नया डर और रोमांच जोड़ता है। जबकि, नोरा फतेही का कैमियो फिल्म में खास जगह रखता है। वह सिर्फ शोबिज़ का ग्लैमर नहीं बल्कि स्त्री से जुड़ी एक भावनात्मक लिंक लेकर आती हैं, जो कहानी में नए रंग और यूनिवर्स की गहराई जोड़ देता है।

ट्विस्ट

फिल्म की शुरुआत जितनी रोमांच से भरी लगती है, सेकंड हाफ में वह उतनी ही धमाकेदार बन जाती है। खासकर आयुष्मान और वरुण धवन के बीच की लड़ाई स्क्रीन पर आग लगा देती है, जिसे देखना कोई भी मिस नहीं कर सकता। जैसे ही इस लड़ाई के पीछे का असली सच सामने आता है, दर्शक चौंक जाते हैं। यही वह पल है जो हॉरर-वर्स की अगली बड़ी कहानी की नींव रखता है।

सॉन्ग्स

फिल्म में हर गाना कहानी को आगे बढ़ाने या किरदारों की भावनाएँ दिखाने के लिए रखा गया है। कोई भी गाना सिर्फ दिखावे के लिए नहीं है बल्कि म्यूजिक और बैकग्राउंड स्कोर कहानी के रोमांच और इमोशन को बढ़ाते हैं, जिससे दर्शक हर पल जुड़े रहते हैं।

डायरेक्शन और प्रोड्यूसर

आदित्य सरपोतदार का डायरेक्शन फिल्म में डर, रोमांच और इमोशन का सही बैलेंस बनाता है। वहीं, मैडॉक फिल्म्स ने प्रोडक्शन में हर चीज़ का अच्छे और बारीकी से ध्यान रखा है। दोनों ने मिलकर थामा को हॉरर यूनिवर्स का यादगार हिस्सा बना दिया है।

क्यों देखनी चाहिए

थामा एक ऐसा ब्लॉकबस्टर है जो डर, हँसी और भावनाओं का परफेक्ट मेल दिखाता है। यह साबित करता है कि हॉरर सिर्फ भूत-प्रेत नहीं, बल्कि इंसानी अनुभव और दिल छू लेने वाली कहानी भी हो सकती है। ऐसे में इस दिवाली, अगर आप कुछ नया और मज़ेदार देखना चाहते हैं, तो थामा को आप मिस नहीं कर सकते।

डायरेक्टर – आदित्य सरपोतदार
राइटर – निरेन भट्ट, सुरेश मैथ्यू, अरुण फलारा
कास्ट – आयुष्मान खुराना, रश्मिका मंदाना, नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी, परेश रावल, सत्यराज, फ़ैज़ल मलिक, गीता अग्रवाल, रचित सिंह
ड्यूरेशन – 149 मिनट
रेटिंग – 4

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