मुंबई: स्वतंत्र सिनेमा की आवाज़ को मंच देने वाले वॉटरफ्रंट इंडी फिल्म फेस्टिवल (WIFF) 2025 की शुरुआत एक भव्य कर्टेन रेज़र कार्यक्रम के साथ हुई, जो मुंबई के प्रतिष्ठित नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट (NGMA) में आयोजित किया गया। इस मौके पर फिल्म उद्योग से जुड़ी कई जानी-मानी हस्तियों के साथ-साथ सिनेमा प्रेमियों की भी अच्छी-खासी मौजूदगी देखने को मिली।
कार्यक्रम का मुख्य संदेश साफ था सिनेमा सिर्फ मनोरंजन नहीं, बदलाव का माध्यम भी है। आयोजकों ने इस बार के फेस्टिवल की थीम को ‘सिनेमा फॉर चेंज’ (बदलाव के लिए सिनेमा) बताया, जो उन फिल्मों को मंच देगा जो सामाजिक मुद्दों पर गहराई से सोचने को मजबूर करती हैं।

ऋचा चड्ढा बनीं मॉडरेटर
इस आयोजन का संचालन जानी-मानी अभिनेत्री ऋचा चड्ढा ने किया। उनके साथ मंच पर सुधीर मिश्रा, बॉबी बेदी, शूजीत सरकार, रजत कपूर, दीपा गहलोट और श्रीधर रंगायन जैसे दिग्गज मौजूद रहे। सभी ने मिलकर इंडी सिनेमा के भविष्य, चुनौतियों और नए अवसरों पर खुलकर चर्चा की।

कहानी ही है असली ताकत: ऋचा चड्ढा
ऋचा ने हाल ही में रिलीज़ हुई मराठी इंडी फिल्म “सबर बॉन्ड” का उदाहरण देते हुए कहा कि सशक्त कहानियाँ ही दर्शकों से गहरा जुड़ाव बनाती हैं। उन्होंने मराठी और मलयालम इंडी फिल्मों की उपलब्धियों को पूरे देश के फिल्मकारों के लिए प्रेरणा बताया।
उन्होंने आगे कहा, बजट और डिस्ट्रीब्यूशन जैसी दिक्कतें इंडी सिनेमा के सामने हैं, लेकिन अच्छी कहानियाँ नज़रिए बदल सकती हैं। यही कला की असली ताकत है।
वॉटरफ्रंट इंडी फिल्म फेस्टिवल का आयोजन 2 से 6 अक्टूबर तक रंगशिला थिएटर, अराम नगर, वर्सोवा में होगा। यहाँ इंडी फिल्मों की स्क्रीनिंग, पैनल चर्चाएँ और मास्टरक्लास आयोजित की जाएँगी।
फेस्टिवल की संस्थापक विंता नंदा ने कहा , WIFF का मकसद सिर्फ फिल्में दिखाना नहीं है, बल्कि अलग-अलग आवाज़ों को जोड़ना और स्वतंत्र कहानियों को मंच देना है। सह-संस्थापक और समीक्षक दीपा गहलोट ने जोड़ा इस साल की लाइनअप बेहद खास है। हमें उम्मीद है कि दर्शक इस सफर का भरपूर आनंद लेंगे।
मेष: दिन शुभ रहेगा...