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महामारी रोकथाम कार्य में चीन की नीति में समायोजन तथ्यों से सच्चाई की तलाश करने के आधार पर किया गया बंदोबस्त है

December 29, 2022

महामारी रोकथाम कार्य में चीन की नीति में समायोजन तथ्यों से सच्चाई की तलाश करने के आधार पर किया  गया बंदोबस्त है

चीनी चिकित्सा और स्वास्थ्य आयोग ने 26 दिसंबर को विज्ञप्ति जारी कर बताया कि चीन 8 जनवरी 2023 से कोरोना से श्रेणी बी की संक्रमणकारी बीमारी के रूप में निपटेगा। चीन ने कोरोना महामारी के नियंत्रण की नीति में एक महत्वपूर्णं बदलाव किया है। विज्ञप्ति में कहा गया कि कोविड-19 का चीनी नाम नोवल कोरोनावायरस न्यूमोनिया से नोवल कोरोनावायरस संक्रमण के रूप में बदला जाएगा। 8 जनवरी से चीन के संक्रमणकारी बीमारी की रोकथाम कानून के मुताबिक कोविड-19 का प्रबंधन श्रेणी ए से डाउनग्रेड कर श्रेणी बी की संक्रमणकारी बीमारी
के रूप में किया जाएगा। इसके साथ कोविड-19 चीनी फ्रंटियर स्वास्थ्य व क्वारंटीन कानून में निर्धारित क्वारंनटिनबल संक्रमणकारी बीमारी प्रंबधन से हटाया जाएगा। चीन कोविड-संक्रमित व्यक्ति को अलगाव में नहीं रखेगा और संक्रमित के संपर्क में आने वाले व्यक्ति का पता नहीं लगाएगा। चीन अंतरराष्ट्रीय आगमन पर कोविड की रोकथाम संबंधी प्रतिबंध हटाएगा। अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को पहुंचने के बाद कोरोना जांच की जरूरत नहीं होगी।

यह महामारी रोकथाम कार्य में चीन की नीति में समायोजन है, जो तथ्यों से सच्चाई की तलाश करने के आधार पर किया गया बंदोबस्त है। उल्लेखनीय बात यह है कि चीन ने कोरोना महामारी के नियंत्रण की नीति में महत्वपूर्णं बदलाव का मतलब महामारी को नजरअंदाज करना नहीं है, जबकि बाद में चीन कोविड की रोकथाम में मुख्य तौर पर स्वास्थ्य की सुरक्षा और गंभीर मामले की रोकथाम पर जोर लगाकर जन स्वास्थ्य की सुरक्षा करने की पूरी कोशिश करेगा और आर्थिक व सामाजिक विकास पर कोविड महामारी का प्रभाव सबसे कम करने का प्रयास करेगा। चीन बुजूर्गों की टीकाकरण दर को और उन्नत करेगा, ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा संसाधन के निर्माण में ज्यादा पूंजी देगा।

भविष्य में चीन सरकार उत्पादन की बहाली पर और जोर देगी और विदेशी लोगों के चीन आने को वीजा सुविधा देगी। साथ ही चीन चीनी नागरिकों की विदेशी यात्रा को भी प्रेरित करेगा और विभिन्न क्षेत्रों की सेवा को सुनिश्चित करेगा।  दिसम्बर में चीन में महामारी रोथी नीतियों में समायोजन होने के बाद चीन में लोगों को बाहर जाने को और सुविधाएं मिली हैं। चीन के विभिन्न स्थलों में उत्पादन की बहाली होने लगी और सीमा-पार व्यापार पुनः शुरू हुआ। मॉर्गन स्टेनली द्वारा जारी ग्लोबल मैक्रोइकॉनॉमिक आउटलुक 2023 के मताबिक अगले साल विश्व आर्थिक विकास में पर्याप्त प्रेरणा शक्ति नहीं होगी, लेकिन एशिया में आर्थिक स्थिति आशावादी होगी। चीन और भारत समेत कई एशियाई देश एशिया के विकास का नेतृत्व करेंगे। यह आर्थिक मंदी में फंसी विश्व अर्थव्यवस्था के लिए एक अच्छी खबर है।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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