1 जुलाई को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की 105वीं वर्षगांठ है। इस गौरवशाली अवसर पर मैं चीन के 1.4 अरब लोगों को इस ऐतिहासिक दिन की हार्दिक बधाई देता हूं। निस्संदेह, यह तिथि चीन और विश्व के लिए ऐतिहासिक महत्व रखती है, क्योंकि सीपीसी के पिछले 105 वर्षों का सफर चीनी जनता और दुनिया भर की शोषित जनता के लिए गर्व का विषय रहा है। इस 105वीं वर्षगांठ के अवसर पर, चीनी लोग सीपीसी के क्रमिक नेतृत्व में तय की गई यात्रा पर गर्व और कृतज्ञता के साथ विचार कर रहे हैं।
यह अवसर चीनी लोगों को दुनिया को यह दिखाने का मौका देता है कि कैसे चीन ने सीपीसी के मार्गदर्शन में पिछले 105 वर्षों में मानवीय प्रयास के हर क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। इनमें संतुलित आर्थिक विकास, जीवन स्तर में सुधार, गरीबी उन्मूलन, रोजगार सृजन और पारिस्थितिक संरक्षण शामिल हैं — जो सभी चीनी विशेषताओं वाले समाजवाद की सफलता को दर्शाते हैं।
सीपीसी की सफलता को समझने के लिए प्रत्यक्ष अनुभव
सीपीसी की गौरवशाली भूमिका को समझने का सबसे सटीक तरीका प्रत्यक्ष अनुभव है। पिछले 105 सालों में सीपीसी ने चीन को चुनौतियों और उतार-चढ़ाव के बीच से निकालकर उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर किया है। चीनी मीडिया संस्थानों के साथ मेरा लगभग चार दशक का घनिष्ठ जुड़ाव मुझे सीपीसी की असाधारण सफलता और चीन के सभी क्षेत्रों में हुई अभूतपूर्व प्रगति को समझने में मददगार रहा है।
इस वर्ष अप्रैल में मुझे चीन जाने का अवसर मिला। इस यात्रा के दौरान मैंने राजधानी पेइचिंग में सीपीसी संग्रहालय और शनचन (Shenzhen) में सीपीसी पार्टी स्कूल का दौरा किया, और सीपीसी केंद्रीय समिति के अंतर्राष्ट्रीय विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की। इन अनुभवों ने मुझे सीपीसी की शताब्दी यात्रा की गहरी समझ दी — यह इतिहास वास्तव में समझने की सर्वश्रेष्ठ पाठ्यपुस्तक है।
105 वर्षों का नेतृत्व: राष्ट्रीय पुनरुत्थान का सीपीसी मार्ग
दुनिया अक्सर सोचती है कि सीपीसी ने दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश को अर्ध-औपनिवेशिक, अर्ध-सामंती समाज से एक समृद्ध, शक्तिशाली और जीवंत समाजवादी देश तक कैसे पहुंचाया। जिस चीन को कभी गरीब और कमजोर माना जाता था, उसे आज दुनिया के देशों के बीच मजबूती और आत्मनिर्भरता के साथ खड़ा करने में सीपीसी की सफलता का राज क्या है? इसका उत्तर पार्टी की दीर्घकालिक दृष्टि और “आधुनिक समाजवादी चीन के निर्माण तथा राष्ट्रीय पुनरुत्थान के चीनी सपने को साकार करने” के दृढ़ संकल्प में है, जिसके केंद्र में जनता के मूल हित हैं। इसी से “चीनी विशेषताओं वाले समाजवाद” का मार्ग बनता है।
105 साल पहले, गहरे सामाजिक संकट और आंतरिक-बाह्य खतरों के बीच, 1921 में मार्क्सवाद-लेनिनवाद को चीनी श्रमिक आंदोलन के साथ जोड़कर सीपीसी की स्थापना हुई। इस ऐतिहासिक घटना ने चीनी राष्ट्र के भविष्य और जनता के भाग्य को पूरी तरह बदल दिया।
1 अक्टूबर 1949 को साम्राज्यवाद, सामंतवाद और पूंजीवाद के खिलाफ लंबे जन-क्रांतिकारी आंदोलनों के परिणामस्वरूप चीन जनवादी गणराज्य की स्थापना हुई। थ्येनआनमन चौक की बुर्ज से स्वर्गीय चीनी नेता माओ त्सेतुंग ने पूरी दुनिया से कहा: “मानवता की एक चौथाई आबादी वाले चीनी लोग अब खड़े हो गए हैं!” उस दिन से सीपीसी के नेतृत्व में चीनी सरकार उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
नए चीन की स्थापना के बाद से, सीपीसी ने चीनी जनता को “चीनी विशेषताओं वाले समाजवाद” के मार्ग पर आगे बढ़ाया है। इस मार्ग में नारों से अधिक, दीर्घकालिक दृष्टि और ठोस कार्य पर जोर दिया गया है। इसका लक्ष्य चीनी राष्ट्र का महान पुनरुत्थान और राष्ट्रीय शासन का आधुनिकीकरण है, साथ ही मानवता के लिए बेहतर सामाजिक व्यवस्था का चीनी समाधान प्रस्तुत करना भी है। दशकों की अटूट प्रतिबद्धता ने चीन को विश्व के अग्रणी देशों में उचित स्थान दिलाया है। वस्तुतः, सीपीसी चीन के समाजवादी आदर्शों, संप्रभुता, सुधार और मानव विकास के सभी क्षेत्रों में प्रगति की आकांक्षा का प्रतीक है।
चीन के उत्थान के पीछे सीपीसी का स्थायी मिशन
चीन में सीपीसी के नेतृत्व में एक मजबूत केंद्रीय सरकार है। पीढ़ी दर पीढ़ी चीनी नेताओं ने ““पूरी लगन से जनता की निस्वार्थ सेवा” का संकल्प निभाया है। सीपीसी की सत्ता का सार जनता के लिए पार्टी की स्थापना और जनता के लिए शासन है। जनता की आजीविका बेहतर बनाना सीपीसी के शासन दर्शन का केंद्र रहा है।
एक सदी से अधिक का शासन: राष्ट्रीय पुनरुत्थान का सीपीसी मार्ग
आज सीपीसी की स्थिति 1921 से बिल्कुल अलग है। 105 साल बाद, 2024 के अंत तक सीपीसी सदस्यों की संख्या 10 करोड़ 2 लाख 71 हजार तक पहुंच गई, जबकि जमीनी पार्टी संगठन 52.5 लाख थे। पिछले एक सदी में सीपीसी के मजबूत नेतृत्व में चीन ने असाधारण उपलब्धियां हासिल कीं।
गरीबी उन्मूलन से वैश्विक पहचान तक सीपीसी की ऐतिहासिक यात्रा
सीपीसी की बड़ी उपलब्धि 2020 के अंत तक पूर्ण गरीबी उन्मूलन के पहले शताब्दी लक्ष्य को हासिल करना था। चीन ने दुनिया को दिखाया कि गरीबी भाग्य नहीं है। 13वीं पंचवर्षीय योजना (2016-2020) और 14वीं पंचवर्षीय योजना (2021-2025) ने गरीबी हटाने को प्राथमिकता दी। नतीजा: चीन ने संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों में शामिल गरीबी उन्मूलन का लक्ष्य 2030 से 10 साल पहले ही पूरा कर लिया और वैश्विक दक्षिण का भरोसा जीता है।
पंचवर्षीय योजना के तहत चीन का विकास रिकॉर्ड: दुनिया के लिए अवसर
1949 के बाद से सीपीसी के दूरदर्शी नेतृत्व और रणनीतिक योजना ने चीन की अभूतपूर्व सफलता को गति दी। पंचवर्षीय योजनाएं इसकी रीढ़ रही हैं। 7 दशकों में चीन ने 14 पंचवर्षीय योजनाएं सफलतापूर्वक लागू कीं, जिन्होंने आर्थिक-सामाजिक विकास को नई दिशा दी।
105 वर्ष का सीपीसी: आधुनिकीकरण के मार्ग पर
अक्टूबर 2022 में सीपीसी की 20वीं राष्ट्रीय कांग्रेस चीन के आधुनिकीकरण का बड़ा पड़ाव बनी। वहीं शी चिनफिंग ने आधुनिकीकरण के अगले चरण का व्यापक खाका पेश किया। उन्होंने भविष्य के लक्ष्यों की समय-सीमा तय की: पहला, 2020 से 2035 तक सीपीसी के नेतृत्व में चीन “मूलतः समाजवादी आधुनिकीकरण” हासिल करेगा। दूसरा, 2035 से सदी के मध्य तक चीन को “समृद्ध, शक्तिशाली, लोकतांत्रिक, सांस्कृतिक रूप से उन्नत, सामंजस्यपूर्ण और सुंदर समाजवादी आधुनिक देश”बनाएगा।
सीपीसी की स्थापना की 105वीं गौरवशाली वर्षगांठ पर यह विश्वास है कि सीपीसी का सामूहिक नेतृत्व चीन को 2049 तक “आधुनिक समाजवादी देश” बनाने का लक्ष्य हासिल कराएगा। 2049, चीन जनवादी गणराज्य की स्थापना का शताब्दी वर्ष है। इसके बाद भी चीन दुनिया को लंबे समय तक प्रेरणा देता रहेगा।
सीपीसी और चीन की जनता को सलाम!
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग) (लेखक- रविशंकर बसु)
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