Last Updated: September 27, 2026

Dainik Savera Times Logo

“14वीं पंचवर्षीय योजना” में छिंगहाई-तिब्बत पठार पर रेलवे के विद्युतीकरण की दर बढ़कर 58.90% हो गई

December 24, 2025

“14वीं पंचवर्षीय योजना” में छिंगहाई-तिब्बत पठार पर रेलवे के विद्युतीकरण की दर बढ़कर 58.90% हो गई

इंटरनेशनल डेस्क : 23 दिसंबर को, चाइना रेलवे छिंगहाई-तिब्बत ग्रुप कंपनी लिमिटेड से प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025 तक, इस कंपनी के अधिकार क्षेत्र में आने वाले छिंगहाई-तिब्बत पठार रेलवे नेटवर्क की परिचालन लंबाई 4,060 किलोमीटर से अधिक हो गई, जिसमें से 2,391 किलोमीटर का विद्युतीकरण किया गया। विद्युतीकरण का अनुपात वर्ष 2020 में 37.59 प्रतिशत से बढ़कर 58.9 प्रतिशत तक हो गया, जिससे परिवहन दक्षता में उल्लेखनीय सुधार हुआ।

जानकारी के अनुसार, जून वर्ष 2021 में, शीत्सांग (तिब्बत) की पहली विद्युतीकृत रेलवे, यानी ल्हासा-निंग्ची रेलवे को यातायात के लिए खोल दिया गया, जिससे दक्षिण-पूर्वी शीत्सांग में रेलवे की अनुपलब्धता का इतिहास समाप्त हो गया। पठारी क्षेत्रों में चलने वाली दोहरे स्रोत वाली इलेक्ट्रिक हाई-स्पीड ट्रेन, फ़ुशिंग बुलेट ट्रेन को एक साथ परिचालन में लाया गया, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि है कि फ़ुशिंग बुलेट ट्रेन अब चीन के सभी 31 प्रांतों, स्वायत्त प्रदेशों और केंद्र शासित शहरों को कवर करती है।

बता दें कि उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रेलवे लाइनों का विद्युतीकरण ट्रेनों की गति और कर्षण भार को काफी हद तक बढ़ा सकता है, जिससे उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में परिवहन क्षमता की कमी की समस्या को प्रभावी ढंग से कम किया जा सकता है। विद्युत इंजन अत्यधिक कुशल होते हैं और उनमें खराबी की संभावना कम होती है। ये न केवल पठारों पर खड़ी ढलानों और जटिल भूभागों से कुशलतापूर्वक निपटने और ट्रेनों की गति बढ़ाने के लिए बेहतर उपयुक्त हैं, बल्कि परिचालन लागत, रखरखाव और ईंधन खर्च को भी कम करते हैं।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें