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चीन, लाओस, म्यांमार, थाईलैंड, कंबोडिया और वियतनाम का 2024 संयुक्त एंटी-ड्रग अभियान आधिकारिक तौर पर शुरू

13 जून को, 2024 “सेफ चैनल” संयुक्त एंटी-ड्रग अभियान चीन के युन्नान प्रांत के देहोंग प्रीफेक्चर के मंगशी में शुरू हुआ। चीन, लाओस, म्यांमार, थाईलैंड, कंबोडिया और वियतनाम के नशीली दवाओं के विरोधी विभागों के प्रभारियों ने इस शुभारंभ समारोह में भाग लिया।

चीन, लाओस, म्यांमार, थाईलैंड, कंबोडिया और वियतनाम आदि छह देशों की सहमति के अनुसार, चीन और थाईलैंड 2024 “सेफ चैनल” संयुक्त एंटी-ड्रग अभियान की संयुक्त रूप से मेजबानी करते हैं। अभियान के दौरान, सभी पक्ष बहुपक्षीय समझौतों और घरेलू कानूनों के ढांचे के भीतर नशीली दवाओं के विरोधी कानून प्रवर्तन संचार चैनलों को खोलेंगे, सहयोग मॉडल को समृद्ध करेंगे, संसाधनों व ताकत का समन्वय करेंगे और एक क्षेत्रीय नशीली दवाओं के विरोधी कानून प्रवर्तन प्रयास का गठन करेंगे। नशीली दवाओं का पता लगाने व जब्ती करने, खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान करने, संयुक्त कानून प्रवर्तन करने आदि विभिन्न कार्यों को मजबूत करके, वे नशीली दवाओं व आसानी से औषधि बनाई जाने वाले अग्रदूत रसायनों की अवैध और आपराधिक गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।

चूंकि वर्ष 2013 में चीन ने “सेफ चैनल” संयुक्त एंटी-ड्रग अभियान की वकालत की और पहली बार इसकी मेजबानी की, यह अभियान छह देशों के लिए नशीली दवाओं के विरोधी कानून प्रवर्तन सहयोग को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण मंच और कुछ अंतर्राष्ट्रीय प्रभाव वाला एक सहकारी ब्रांड बना है।

वर्तमान में, इन छह देशों ने आठ बार संयुक्त एंटी-ड्रग अभियानों को सफलतापूर्वक चलाया है। उन्होंने खुफिया सूचना का आदान-प्रदान, मामले में सहयोग, संयुक्त कानून प्रवर्तन और सार्वजनिक जांच व जब्ती आदि क्षेत्रों में उल्लेखनीय परिणाम हासिल किए हैं। साथ ही मेकांग नदी बेसिन में नशीली दवाओं के अपराधों से निपटने और क्षेत्रीय सार्वजनिक सुरक्षा व स्थिरता बनाए रखने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

(साभार – चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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