
गाजा में सोमवार को हमास के हमले में इजराइल के 24 सैनिकों की मौत हो गई। ये सैनिक इजराइली बॉर्डर से 600 मीटर की दूरी पर हमास के ठिकाने तबाह करने में जुटे थे। IDF के प्रवक्ता डेनियल हागरी ने बताया कि वहां इजराइली सेना के कई टैंक मौजूद थे। इसी दौरान हमास ने हमला कर दिया और इमारत ढहने से उसमें मौजूद 24 सैनिक मारे गए। ये इजराइली सैनिकों पर हमास का अब तक का सबसे बड़ा हमला बताया जा रहा है।
इजराइल-हमास जंग को 100 से ज्यादा दिन हो चुके हैं। इजराइल ने हमास के खात्मे की कसम खाई है। इस बीच इजराइल ने सीजफायर के लिए एक प्रस्ताव दिया है जिसमें कहा है कि वो हमास के नेताओं को गाजा छोड़ने के लिए एक सेफ पैसेज देंगे।
अमेरिकी मीडिया हाउस CNN के मुताबिक इजराइल हमास के नेताओं को गाजा से निकालकर वहां अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है। वहीं, एक्सिओस की रिपोर्ट के मुताबिक इजराइल ने सभी बंधकों की रिहाई के बदले 2 महीने की सीजफायर का भी प्रस्ताव दिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि गाजा में अब तक 26 हजार आम लोग मारे जा चुके हैं। इसके बावजूद इजराइल और हमास की जंग बंद होने की फिलहाल कोई उम्मीद नहीं है। UN चीफ एंटोनियो गुटरेस ने कहा है कि गाजा में आम लोगों का लगातार मारा जाना शर्मनाक है और इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उधर, अमेरिका और यूरोप इजराइल से मांग कर रहे हैं कि वो अपने पोर्ट से गाजा में राहत सामग्री भेजने की मंजूरी दे।
गुटरेस ने कहा- हम इजराइल से मांग करते हैं कि वो जल्द से जल्द गाजा में सीजफायर का ऐलान करे। इसके अलावा गाजा के उन लोगों को फौरन राहत सामग्री और इलाज मिलना चाहिए, जिन्हें इसकी जरूरत है।
UN चीफ ने इजराइल में 7 अक्टूबर को हमास के हमले के बारे में कुछ नहीं कहा। इस हमले में 1200 इजराइली नागरिक मारे गए थे। इसके अलावा 234 को बंधक बना लिया था। अब भी 132 होस्टेज हमास की कैद में है। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू साफ कर चुके हैं कि बंधकों की रिहाई के लिए कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
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