Last Updated: September 21, 2026

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ईस्टर के मौके पर रूस-यूक्रेन का बड़ा फैसला, लगाया 32 घंटे का युद्धविराम

April 10, 2026

ईस्टर के मौके पर रूस-यूक्रेन का बड़ा फैसला, लगाया 32 घंटे का युद्धविराम

इंटरनेशनल डेस्क: पिछले चार साल से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच एक बार फिर हालात ने नया मोड़ ले लिया है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अचानक यूक्रेन में 32 घंटे के लिए अस्थायी युद्धविराम का ऐलान किया है। यह युद्धविराम ऑर्थोडॉक्स ईस्टर के मौके पर लागू किया जाएगा। इस फैसले ने जहां शांति की उम्मीद जगाई है। वहीं कई लोग इसे रणनीतिक कदम भी मान रहे हैं।

कब और कैसे लागू होगा युद्धविराम?

रूस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, यह युद्धविराम शनिवार शाम 4 बजे से शुरू होकर रविवार रात तक जारी रहेगा। इस दौरान सेना को सभी मोर्चों पर सैन्य गतिविधियां रोकने का आदेश दिया गया है। हालांकि, सैनिकों को यह भी निर्देश दिया गया है कि अगर कोई हमला होता है तो वे जवाब देने के लिए तैयार रहें।

यूक्रेन की भूमिका और अपील

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इससे पहले ईस्टर के दौरान हमले रोकने की अपील की थी। उन्होंने खास तौर पर ऊर्जा से जुड़ी सुविधाओं, जैसे पावर प्लांट्स पर हमले न करने की बात कही थी। यह प्रस्ताव उन्होंने अमेरिका के जरिए रूस तक पहुंचाया था, जो इस पूरे मामले में मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है।

क्या रूस का फैसला अलग है?

यूक्रेन की अपील जहां सीमित थी। वहीं रूस ने इससे एक कदम आगे बढ़कर सभी दिशाओं में लड़ाई रोकने की बात कही है। क्रेमलिन का कहना है कि वह उम्मीद करता है कि यूक्रेन भी इस युद्धविराम का पालन करेगा। हालांकि, इस घोषणा पर यूक्रेन की तरफ से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

पहले भी हो चुका है ऐसा

यह पहली बार नहीं है, जब ईस्टर या किसी खास मौके पर युद्ध रोकने की घोषणा की गई हो। पिछले साल भी इसी तरह करीब 30 घंटे के लिए युद्धविराम घोषित किया गया था। लेकिन वह ज्यादा समय तक नहीं टिक पाया था और दोनों देशों ने एक-दूसरे पर समझौता तोड़ने के आरोप लगाए थे।

शांति की कोशिशें क्यों नहीं हो रहीं सफल?

अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों की कोशिशों के बावजूद अभी तक कोई ठोस शांति समझौता नहीं हो पाया है। अमेरिका और यूक्रेन ने 30 दिन के लंबे युद्धविराम का प्रस्ताव रखा था, लेकिन रूस ने इसे स्वीकार नहीं किया। रूस का कहना है कि केवल अस्थायी युद्धविराम से समस्या हल नहीं होगी, बल्कि पूरे संघर्ष का स्थायी समाधान जरूरी है।

करीब 800 मील लंबे मोर्चे पर यह युद्ध अब भी जारी है और किसी भी पक्ष को स्पष्ट बढ़त नहीं मिली है। बातचीत की प्रक्रिया भी फिलहाल धीमी पड़ी हुई है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि यह 32 घंटे का युद्धविराम कितना प्रभावी रहेगा। पिछले अनुभवों को देखते हुए यह कहना मुश्किल है कि यह शांति की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा या सिर्फ एक अस्थायी विराम बनकर रह जाएगा।

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