इंटरनेशनल डेस्क: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा विवाद अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। बता दें कि पाकिस्तानी सेना द्वारा एयर स्ट्राइक के बाद अब अफगान सुरक्षा बलों ने भी जबरदस्त पलटवार किया है। ताजा हमले में कम से कम 58 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं जबकि 30 से अधिक घायल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा अफगान सैनिकों ने पाकिस्तान की 25 चौकियों पर कब्जा भी कर लिया है।
तीन घंटों तक चला ऑपरेशन
अफगान मीडिया के अनुसार, हेलमंद प्रांत के सूचना एवं संस्कृति निदेशक राशिद हेलमंदी ने बताया कि अफगान सेना ने बहरामचा क्षेत्र के शाकिज, बीबी जानी और सालेहान इलाकों में एक संगठित सैन्य अभियान चलाया। यह ऑपरेशन लगभग तीन घंटे तक चला, जिसमें अफगान सैनिकों ने न सिर्फ पाकिस्तान के सुरक्षा बलों को पीछे हटने पर मजबूर किया बल्कि उनके पास से भारी मात्रा में हथियार भी बरामद किए। इनमें पांच कलाश्निकोव राइफल, एक नाइट विजन स्कोप और अन्य सैन्य उपकरण शामिल हैं।
पाकिस्तानी चौकियों पर कब्जा
सूत्रों के अनुसार, अफगान सेना ने पाकिस्तान की तीन चौकियों पर नियंत्रण कर लिया है। यह कदम दोनों देशों के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों को और अधिक बिगाड़ सकता है। स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, इस सैन्य कार्रवाई में पाकिस्तान को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
पाकिस्तान के हवाई हमलों का बदला?
यह पूरा घटनाक्रम उस हमले के बाद सामने आया है जब पाकिस्तान ने 9 अक्टूबर को अफगानिस्तान के काबुल, जलालाबाद, खोस्त और पक्तिका में कथित तौर पर प्रतिबंधित संगठन TTP के ठिकानों पर हवाई हमले किए थे। इन हमलों में टीटीपी प्रमुख नूर वली मेहसूद को निशाना बनाया गया था। अफगानिस्तान का ताजा हमला उसी कार्रवाई का सीधा जवाब माना जा रहा है।
भारत यात्रा के दौरान हमला
इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक और दिलचस्प पहलू यह है कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर उस वक्त हवाई हमला किया था, जब तालिबान सरकार के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी भारत की 8 दिवसीय यात्रा पर थे। अब अफगानिस्तान की जवाबी कार्रवाई को कूटनीतिक सन्देश के रूप में भी देखा जा रहा है।
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