चीन के छिंगहाई प्रांत के मेनयुआन हुई स्वायत्त काउंटी में प्रौद्योगिकी की कमी के कारण ठंडे पानी के मछली उद्योग का विकास लंबे समय से कठिन रहा है। शीत्सांग (तिब्बत) स्वायत्त प्रदेश की पाईलांग काउंटी में अधिक ऊंचाई और दूरस्थता के कारण, स्थानीय लोग पूरे वर्ष केवल गोभी, मूली और आलू जैसी सब्जियां ही खा पाते हैं।
शिनच्यांग उइगुर स्वायत्त प्रदेश की मैइगाइती काउंटी तीन तरफ से रेगिस्तान से घिरी हुई है और आर्थिक विकास में अनेक कठिनाइयों का सामना कर रही है। चीन के पूर्व-पश्चिम सहयोग और लक्षित समर्थन नीतियों से प्रेरित होकर, पूर्वी चीन के शान तुंग प्रांत के एक खेप के कर्मचारियों ने मेनयुआन, पाईलांग और मैइगाइती क्षेत्रों में स्थानीय लोगों को क्रमशः ठंडे पानी की मछली पालन, पठारी सब्जी रोपण और रेगिस्तानी झींगा पालन में शामिल होने के लिए प्रेरित किया, जिससे तीनों क्षेत्रों के विभिन्न जातीय लोगों को उनके अनुकूल धनवान बनने के तरीके खोजने में मदद मिली।
आज, मेनयुआन काउंटी उत्तर-पश्चिमी चीन में सबसे बड़ा ठंडे पानी की मछली फ्राई आपूर्ति केंद्र बन गया है। पिछले 20 वर्षों में, शान तुंग प्रांत ने पाईलांग में शीत्सांग का पहला राष्ट्रीय स्तर का आधुनिक कृषि औद्योगिक पार्क बनाने के लिए लगभग 4 करोड़ युआन का निवेश किया है।
सब्जियाँ उगाई जाने लगी हैं, जीवन बेहतर हो गया है, और तिब्बती और हान लोगों के दिल करीब आ गए हैं। शिनच्यांग की मैइगाइती काउंटी में वार्षिक वर्षा 100 मिलीमीटर से भी कम होती है, और अतीत में खेती करके जीविका चलाना बहुत कठिन था। ऐसी ही भूमि पर दक्षिण से मीठे पानी के झींगों का सफलतापूर्वक पालन किया जाता है।
झींगे, जो “बड़े आकार के, अच्छी गुणवत्ता वाले मांस वाले और ऊंचे दामों पर बिकने वाले” होते हैं, धीरे-धीरे एक “स्टार उत्पाद” बन गए हैं, जो मैगायती काउंटी के लोगों को अमीर बनने में मदद करते हैं। पहाड़ों और समुद्रों के पार से बार-बार भेजी गई सहायता चीन के जातीय समूहों के बीच आर्थिक अंतरनिर्भरता और भावनात्मक आत्मीयता की ज्वलंत कहानी कहती है।
यह इस युग का एक अध्याय भी लिखता है कि “चीनी शैली वाले आधुनिकीकरण को बढ़ावा देने और आम समृद्धि हासिल करने में किसी भी जातीय समूह को पीछे नहीं छोड़ा जा सकता है।”
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)

