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बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने चीनी विदेश मंत्री से मुलाकात की

इंटरनेशनल डेस्क : बेल्जियम के प्रधानमंत्री बोर्ट डी वेवर ने स्थानीय समयानुसार 1 जुलाई को ब्रुसेल्स में चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। डी वेवर ने कहा कि बेल्जियम और चीन के बीच आदान-प्रदान का लंबा इतिहास रहा है और स्थानीय मैत्रीपूर्ण आदान-प्रदान सक्रिय हैं, जो यूरोप-चीन सहयोग में एक पोर्टल की भूमिका निभा रहे हैं। मैंने कई बार चीन का दौरा किया है और चीन की विकास उपलब्धियों से प्रभावित हूं। हालांकि यूरोप और चीन के अलग-अलग दृष्टिकोण हैं, लेकिन मौजूदा जटिल भू-राजनीति के मद्देनजर दोनों पक्षों को आदान-प्रदान को मजबूत करना चाहिए और आपसी विश्वास को बढ़ाना चाहिए। बेल्जियम बहुपक्षवाद में दृढ़ता से विश्वास करता है, यूरोप की स्वायत्तता को मजबूत करने का समर्थन करता है और यूरोप-चीन नेताओं की मुलाकातों से सकारात्मक परिणामों की उम्मीद करता है। बेल्जियम सरकार एक-चीन नीति का दृढ़ता से पालन करती है और इसमें कोई बदलाव नहीं होगा।

वहीं, वांग यी ने कहा कि बेल्जियम यूरोपीय संघ का संस्थापक सदस्य और यूरोपीय संघ का मुख्यालय है और यूरोपीय एकीकरण प्रक्रिया व चीन-यूरोप आदान-प्रदान में एक अनूठी भूमिका निभाता है। चीन नई बेल्जियम सरकार की चीन के प्रति तर्कसंगत और व्यावहारिक नीति की सराहना करता है, और बेल्जियम के साथ पारंपरिक मित्रता को आगे बढ़ाने और चीन-बेल्जियम सर्वांगीण मैत्रीपूर्ण और सहकारी साझेदारी की निरंतर स्थिर प्रगति को बढ़ाने को तैयार है। चीन उच्च गुणवत्ता वाले विकास और उच्च स्तरीय खुलेपन का पालन करता है। हम चीन में विकास करने के लिए अधिक बेल्जियम कंपनियों का स्वागत करते हैं और आशा करते हैं कि बेल्जियम चीनी कंपनियों को बेल्जियम में निवेश करने के लिए एक निष्पक्ष व सुरक्षित कारोबारी माहौल भी प्रदान करेगा।

वांग यी ने कहा कि इस वर्ष चीन और यूरोपीय संघ के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ है, जो अतीत को विरासत में लेने और भविष्य की शुरुआत करने में बहुत महत्व रखता है। चीन और यूरोप के बीच आदान-प्रदान के आधी सदी के इतिहास ने पूरी तरह से साबित कर दिया है कि दोनों पक्ष एक-दूसरे का पूरा सम्मान कर सकते हैं और जीत-जीत सहयोग प्राप्त कर सकते हैं। अशांत अंतर्राष्ट्रीय स्थिति का सामना करते हुए, दुनिया की दो प्रमुख ताकतों, दो प्रमुख बाजारों और दो प्रमुख सभ्यताओं के रूप में चीन और यूरोपीय संघ को संचार को मजबूत करते हुए समझ को बढ़ाना चाहिए, आपसी विश्वास का निर्माण करते हुए संयुक्त रूप से बहुपक्षवाद और मुक्त व्यापार प्रणाली की रक्षा करनी चाहिए, दुनिया के “स्थिरता के लंगर” के रूप में काम करते हुए विश्वसनीय व मजबूत साझेदार बनना चाहिए।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)

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