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H-1B और विदेशी स्टूडेंट्स के लिए बड़ी खबर: कनाडा सरकार ने नियमों में किया बदलाव

November 7, 2025

H-1B और विदेशी स्टूडेंट्स के लिए बड़ी खबर: कनाडा सरकार ने नियमों में किया बदलाव

ओटावा: कनाडा सरकार ने अपनी आव्रजन नीति में पिछले कई दशकों का सबसे बड़ा सुधार करने का ऐलान किया है। नए प्रस्ताव के तहत 2026 से विदेशी छात्रों की एंट्री में 25 से 32 प्रतिशत तक की कमी की जाएगी। इस फैसले का असर सबसे ज्यादा भारतीय छात्रों पर पड़ने की संभावना है, जो कनाडा में पढ़ाई के लिए सबसे बड़ी विदेशी आबादी बन चुके हैं।

नई दिशा में कनाडा की नीति

प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की नई सरकार देश की जनसंख्या वृद्धि और आवास संकट को देखते हुए आव्रजन नीति में ‘संतुलन’ लाने की बात कर रही है। इसके तहत जहां विदेशी छात्रों की संख्या घटाई जाएगी, वहीं उच्च-कुशल पेशेवरों और शोधकर्ताओं के लिए विशेष प्रवेश चैनल खोले जाएंगे।

सरकार ने अपने पहले बजट में अंतरराष्ट्रीय प्रतिभाओं को आकर्षित करने के लिए 1.2 बिलियन कनाडाई डॉलर (लगभग ₹106 करोड़) का फंड आवंटित किया है। इस निवेश के ज़रिए 1,000 से अधिक शीर्ष पेशेवरों और वैज्ञानिकों को कनाडा लाने की योजना है।

H-1B वीज़ा धारकों को मिलेगा नया मौका

अमेरिका में H-1B वीज़ा शुल्क में भारी वृद्धि और कड़े नियमों के बाद, कनाडा ने वहां कार्यरत उच्च-कुशल पेशेवरों के लिए त्वरित प्रवेश (Fast-Track Entry) योजना शुरू करने की तैयारी की है। इसका उद्देश्य अमेरिका में अनिश्चितता झेल रहे आईटी और टेक सेक्टर के विशेषज्ञों को कनाडा में अवसर प्रदान करना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम कनाडा को ग्लोबल टैलेंट के लिए एक आकर्षक गंतव्य बना सकता है, खासकर ऐसे समय में जब अमेरिका में इमिग्रेशन पॉलिसी और वीज़ा लागत लगातार विवादों में हैं।

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जनसंख्या नियंत्रण और स्थायी निवास पर असर

नई नीति के तहत कनाडा सरकार 2026 से 2028 के बीच हर साल लगभग 380,000 स्थायी निवासियों (Permanent Residents) को स्वीकार करेगी। यह मौजूदा आंकड़ों की तुलना में करीब 40% कम है। वहीं अस्थायी निवासियों (Temporary Residents) की संख्या को भी चरणबद्ध तरीके से घटाने की योजना है।

छात्र वीज़ा के मोर्चे पर, सरकार का लक्ष्य 2026 में 155,000 अध्ययन परमिट जारी करने का है, जो 2027 और 2028 में घटकर 150,000 रह जाएंगे। यह आंकड़ा ट्रूडो सरकार की नीति से लगभग आधा है, जब हर साल करीब 3 लाख से ज्यादा परमिट दिए जाते थे।

शिक्षा क्षेत्र में चिंता और उम्मीदें

यूनिवर्सिटीज़ कनाडा ने इस नीति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे सरकार की “स्थायी और संतुलित” इमिग्रेशन व्यवस्था के प्रयासों का सम्मान करते हैं, लेकिन यह भी ज़रूरी है कि नई नीति देश की प्रतिभा-आधारित आर्थिक रणनीति को नुकसान न पहुँचाए। कई विश्वविद्यालयों ने चेतावनी दी है कि विदेशी छात्रों में कमी से संस्थानों की वित्तीय स्थिति और अनुसंधान कार्यक्रमों पर प्रभाव पड़ सकता है।

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