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CGTN सर्वे:वैश्विक आर्थिक मानचित्र में चीन की स्थिति को समझना अत्यंत महत्वपूर्ण है

स्थिर और विश्वसनीय विकास पथ, तेजी से विकसित हो रही नवोन्मेषी गति और निरंतर विस्तारित होती खुली नीति, ये सभी मिलकर वैश्विक अर्थव्यवस्था के मानचित्र पर चीन की अर्थव्यवस्था को एक नया स्थान प्रदान करते हैं। उच्च गुणवत्ता वाला विकास और उच्च स्तरीय खुली नीति न केवल चीन की अर्थव्यवस्था के प्रमुख चालक हैं, बल्कि विकास के बदलते इंजनों की वैश्विक प्रवृत्ति को भी दर्शाते हैं। 

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चाइना मीडिया ग्रुप (CMG) के अधीनस्थ चाइना ग्लोबल टेलीविज़न नेटवर्क (CGTN) द्वारा किए गए एक ऑनलाइन सर्वेक्षण से पता चलता है कि उत्तरदाताओं का मानना ​​है कि चीन की अर्थव्यवस्था ने स्थिर प्रगति के साथ समग्र स्थिरता बनाए रखी है, जिससे विश्व अर्थव्यवस्था को बहुमूल्य निश्चितता प्राप्त हुई है। चीन के आर्थिक दर्शन और व्यवहार वैश्विक आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं।

नवाचार-संचालित विकास वैश्विक अर्थव्यवस्था के भविष्य के लिए एक अपरिहार्य प्रवृत्ति है। चीन की अर्थव्यवस्था के लिए विश्वास का एक प्रमुख स्रोत नवाचार के माध्यम से तेजी से उभर रही नई गुणवत्तापूर्ण उत्पादक शक्तियां हैं। नवीनतम ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स 2025 रैंकिंग में, चीन पहली बार शीर्ष दस में शामिल हुआ और 36 उच्च-मध्यम आय वाली अर्थव्यवस्थाओं में सर्वोच्च स्थान पर बना हुआ है।

सर्वेक्षण से पता चलता है कि 93.6 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना ​​है कि चीन के उच्च-गुणवत्ता वाले आर्थिक विकास को गति देने में नवाचार की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। 96.6 प्रतिशत उत्तरदाताओं के विचार में चीन वैज्ञानिक और तकनीकी नवाचार के माध्यम से औद्योगिक स्वरूपों और आर्थिक संरचनाओं में गहन परिवर्तन ला रहा है। वहीं, 93.2 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना ​​है कि वैज्ञानिक और औद्योगिक नवाचार को गहराई से एकीकृत करने के चीन के प्रयास उच्च-गुणवत्ता वाले आर्थिक विकास की राह पर चल रहे अन्य देशों के लिए उपयोगी संदर्भ प्रदान करते हैं। इसके अलावा, 88.3 प्रतिशत का मानना ​​है कि तकनीकी नवाचार से प्रेरित और वास्तविक अर्थव्यवस्था पर आधारित चीन का विकास मॉडल वैश्विक अर्थव्यवस्था के रूपांतरण और उन्नयन में एक महत्वपूर्ण प्रवृत्ति का प्रतिनिधित्व करता है।

विश्व के दूसरे सबसे बड़े उपभोक्ता बाजार के रूप में, चीन में वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ा मध्यम-आय वर्ग है, जिसमें निवेश और उपभोग की अपार क्षमता है। चीन का “घरेलू मांग को प्राथमिकता देना और एक मजबूत घरेलू बाजार का निर्माण करना” का प्रस्ताव वैश्विक समग्र मांग के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। हाल के वर्षों में, चीन ने विदेशी निवेश के लिए नकारात्मक सूची को छोटा करना जारी रखा है, विदेशी निवेशित उद्यमों के लिए राष्ट्रीय व्यवहार सुनिश्चित किया है, और लगातार एक प्रथम श्रेणी का व्यापारिक वातावरण बनाया है जो बाजार-उन्मुख, कानून-आधारित और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी है।

सर्वेक्षण से पता चलता है कि 82.3 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना ​​है कि विदेशी उद्यम चीन के विशाल बाजार में अपनी ताकत और क्षमताओं का पूरा लाभ उठाकर वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त हासिल कर सकते हैं। वहीं, 86.7 प्रतिशत का मानना ​​है कि घरेलू खपत को बढ़ावा देने के लिए चीन के निरंतर प्रयास अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर लाएंगे। इसके अतिरिक्त, 90.1 प्रतिशत का मानना ​​है कि एक स्वस्थ, स्थिर और सतत रूप से विकसित हो रही चीनी अर्थव्यवस्था संघर्षरत वैश्विक अर्थव्यवस्था को अधिक गति और स्थिरता प्रदान करेगी।

खुलेपन के माध्यम से सुधार और विकास को बढ़ावा देते हुए और सहयोग के माध्यम से पारस्परिक लाभ प्राप्त करने का प्रयास करते हुए, चीन एकतरफावाद और संरक्षणवाद के उदय के जवाब में एक खुली विश्व अर्थव्यवस्था के निर्माण को दृढ़ता से आगे बढ़ा रहा है, और वैश्विक आर्थिक शासन में सुधार के लिए प्रभावी समाधान प्रस्तुत कर रहा है। ‘बेल्ट एंड रोड’ पहल के संयुक्त निर्माण, मुक्त व्यापार क्षेत्र निर्माण को आगे बढ़ाने, लगातार कई वर्षों तक चीन अंतर्राष्ट्रीय आयात एक्सपो (CIIE) की मेजबानी करने और वीजा-मुक्त पहुंच का निरंतर विस्तार करने के माध्यम से, उच्च स्तरीय खुलेपन को आगे बढ़ाने का चीन का संकल्प अपरिवर्तित है, और खुलेपन के द्वार पहले से कहीं अधिक खुल रहे हैं।

सर्वेक्षण में, 89.1 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना ​​है कि चीन द्वारा निरंतर विस्तारित उदारीकरण से विश्व को विकास के अधिक अवसर प्राप्त होंगे। 90.5 प्रतिशत का मानना ​​है कि एक खुली वैश्विक अर्थव्यवस्था वैश्विक आर्थिक विकास में एक अपरिहार्य प्रवृत्ति है। 70.7 प्रतिशत का मानना ​​है कि आर्थिक वैश्वीकरण सामाजिक उत्पादक शक्तियों की एक वस्तुनिष्ठ आवश्यकता और तकनीकी प्रगति का एक आवश्यक परिणाम होने के साथ-साथ वैश्विक आर्थिक विकास का एक महत्वपूर्ण चालक भी है।

84.1 प्रतिशत का मानना ​​है कि कुछ देशों द्वारा “ऊँची दीवारों वाले छोटे आंगन” बनाने, शुल्क अवरोध लगाने और व्यापार मुद्दों का राजनीतिकरण, दुरुपयोग, सैन्यीकरण या सुरक्षाकरण करने की प्रथाएं आर्थिक सिद्धांतों का उल्लंघन करती हैं और बाजार नियमों तथा उदारीकरण की प्रवृत्ति के विपरीत हैं, और 90.4 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना ​​है कि समावेशी और सार्वभौमिक रूप से लाभकारी आर्थिक वैश्वीकरण को बढ़ावा देने के लिए विकासशील देशों के साझा हितों की रक्षा हेतु व्यापक वैश्विक दक्षिण के साथ मिलकर काम किया जाना चाहिए।

बता दें कि यह सर्वेक्षण CGTN के अंग्रेजी, स्पेनिश, फ्रेंच, अरबी और रूसी प्लेटफार्मों पर प्रकाशित किया गया था, और 12 घंटों के भीतर कुल 4,289 इंटरनेट उपयोगकर्ताओं ने इसमें भाग लिया और अपने विचार साझा किए।

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(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग) 

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