इंटरनेशनल डेस्क। गर्मी का मौसम आते ही तरबूज हर घर में ठंडक पहुंचाने वाले पसंदीदा फलों में से एक बन जाता है। क्या आपने कभी हवा में लटकते हुए तरबूज देखे हैं? चीन के शीत्सांग (तिब्बत) स्वायत्त प्रदेश के न्गेरी प्रीफ़ेक्चर में गार काउंटी के आधुनिक पारिस्थितिक औद्योगिक पार्क के ग्रीनहाउस में यही संभव है। यहाँ तरबूज “हैंगिंग बेल मेलन” नामक एक विशेष तकनीक से उगाए जाते हैं, जिससे उनके खराब होने और कीड़ों से संक्रमित होने की संभावना काफी कम हो जाती है।
यह उल्लेखनीय है कि न्गेरी प्रीफ़ेक्चर में, अपनी ऊँचाई और शुष्क व ठंडी जलवायु के कारण, अतीत में सब्जियाँ और फल उगाना बेहद मुश्किल था। लेकिन चीन सरकार और शैनशी प्रांत के समर्थन से, गार काउंटी के गोबी रेगिस्तान में सौर ग्रीनहाउस और स्मार्ट ग्रीनहाउस जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस एक पारिस्थितिक औद्योगिक पार्क स्थापित किया गया है।
इस पारिस्थितिक औद्योगिक पार्क का कुल क्षेत्रफल 6.67 लाख वर्ग किलोमीटर है, जिसमें 172 सौर ग्रीनहाउस, 26 पांच-फिल्म आर्क ग्रीनहाउस और 8 स्मार्ट ग्रीनहाउस शामिल हैं। यहाँ “हैंगिंग बेल मेलन” जैसी कई दिलचस्प रोपण विधियाँ देखने को मिलती हैं। इस पार्क में न्गेरी प्रीफ़ेक्चर के किसान, चरवाहे और अस्थायी निवासी पट्टे के माध्यम से खेती कर सकते हैं, जिससे स्थानीय लोगों की आय में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
वर्तमान में, इस पार्क में 30 से अधिक प्रकार की सब्जियां, फल, खाद्य कवक, फूल और पौधे उगाए जाते हैं। नई तकनीकों को अपनाकर और नई किस्मों को पेश करके कृषि के आधुनिकीकरण को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके साथ ही, इस औद्योगिक पार्क ने स्थानीय सुपरमार्केट और शहरी क्षेत्रों में सब्जी वितरण व बिक्री केंद्र स्थापित किए हैं, जिससे मध्यवर्ती लिंक कम हो गए हैं। यह पहल सब्जियों की ताज़गी सुनिश्चित करती है और स्थानीय लोगों की व्यंजन विधि को समृद्ध करती है।
इस औद्योगिक पार्क का दौरा करने वाले भारतीय मीडिया के हिंदी खबर चैनल के महाप्रबंधक और प्रधान संपादक अतुल अग्रवाल ने चीन की इस कृषि क्रांति पर अपनी गहरी छाप छोड़ी। उन्होंने टिप्पणी की कि भारत में भी ऐसी भूमि है, जिसका उपयोग फलों और सब्जियों को उगाने के लिए किया जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत में संबंधित कृषि उद्योग में उच्च तकनीक का अभाव है। अग्रवाल ने स्पष्ट रूप से कहा कि कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में चीन दुनिया में सबसे आगे है, और चीन का अनुभव तथा प्रौद्योगिकी दुनिया भर के देशों के लिए सीखने लायक है।
(साभार— चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

