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चीन का एक मध्यम विकसित देश बनने का अभियान शुरू 

हाल ही में पेइचिंग में आयोजित चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की एक उच्च स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि चीन ने भावी देश सालों के भीतर एक मध्मय विकसित देश बनने का लक्ष्य तैयार किया है। पिछली सदी में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के बनाए ब्लूप्रिंट के अनुसार, चीन को इस सदी के बीच तक, यानी पीपल्स रिपब्लिक ऑफ़ चाइना की स्थापना की 100वीं सालगिरह तक एक मध्यम विकसित देश के आर्थिक विकास के स्तर तक पहुँचना था। विकास के नये प्लान से यह साबित है कि पिछले कुछ दशकों में चीन की आर्थिक उपलब्धियाँ इन उम्मीदों से कहीं ज़्यादा रही हैं। तथाकथित मध्यम विकसित देश का मतलब कुछ दक्षिणी यूरोपीय देशों के बराबर है, जिनकी प्रति व्यक्ति GDP $25,000 से $30,000 है। लेकिन, चीन की बड़ी आबादी को देखते हुए, अगर चीन की प्रति व्यक्ति के लिए GDP अभी के $14,000 से दोगुनी हो जाती है, तो चीनी अर्थव्यवस्था लगभग $40 ट्रिलियन तक पहुँच जाएगी, जो अमेरिका से कहीं ज़्यादा होगी।

रुपांतर और खुली नीति अपनाने से चीन के विकास को बढ़ाया गया है। जब चीन ने 1978 में अपने रिफॉर्म शुरू किए थे, तो तब चीनी लोग बहुत ज़्यादा गरीबी में जी रहे थे। लोग बेसिक ज़रूरतों के लिए कूपन पर निर्भर थे, साइकिल आने-जाने का मुख्य ज़रिया थी, और ज़्यादातर घरों में लिफ्ट एवं टॉयलेट जैसी सुविधाएँ नहीं थीं। लेकिन, रुपांतर और खुली नीति ने चीन के आर्थिक विकास को बढ़ावा दिया है। अब चीनी लोगों को घरेलू अप्लायंसेज तथा मोबाइल फ़ोन, इंटरनेट, हाई-स्पीड रेल और प्राइवेट कारों सहित आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हो चुकी हैं। चीन का मौजूदा विकास स्तर 2035 तक एक मध्यम विकसित देश बनने के उसके लक्ष्य से ज़्यादा दूर नहीं है। भविष्य में किसी एक देश का विकास आंकने का मापदंड सिर्फ़ GDP नहीं, बल्कि एआई तकनीक जैसी नई तकनीक के स्तर से मापा जाएगा। सिर्फ़ प्रति व्यक्ति लिए जीडीपी से डेवलपमेंट के लेवल की पूरी परिभाषा नहीं मिल सकती। जैसे एक अमीर देश विदेशी तकनीक पर बहुत ज़्यादा निर्भर है, तो उसे शायद ही सही मायने में डेवलप्ड देश नहीं माना जा सकता। इसलिए, चीन के डेवलपमेंट गोल में हाई इंडस्ट्रियलाइज़ेशन, एक डायवर्सिफाइड इकोनॉमिक स्ट्रक्चर, हाई-एंड मैन्युफैक्चरिंग, और नॉलेज-इंटेंसिव सर्विसेज़ (जैसे फाइनेंस, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, R&D, एजुकेशन, और हेल्थकेयर) को प्रायोरिटी दी गई है।

चीन के भविष्य के डेवलपमेंट गोल में हाई-क्वालिटी ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क (रोड, रेलवे, पोर्ट, और एयरपोर्ट), भरोसेमंद एनर्जी सप्लाई, और एक बहुत मॉडर्नाइज़्ड नेटवर्क और कम्युनिकेशन सिस्टम शामिल होंगे। इसके अलावा, नेशनल इनकम के हिसाब से हाई लाइफ एक्सपेक्टेंसी और हाई एजुकेशनल अटेनमेंट लेवल भी इन गोल के मुख्य एलिमेंट होंगे। अब चीन में प्रति व्यक्ति के लिए GDP लगभग $14,000 है, जो अधिक पश्चिमी देशों से बहुत कम है। हालांकि, अगर प्राइस लेवल के आधार पर और परचेज़िंग पावर पैरिटी (PPA) का इस्तेमाल करके मापा जाए, तो चीन का असल आर्थिक विकास स्तर ज़्यादा है। और चीन में बेसिक ज़रूरतें, ट्रांसपोर्टेशन, और बिजली ज़्यादा सस्ती हैं, इसलिए चीनी लोगों का असल लिविंग स्टैंडर्ड भी बेहत्तरीन है। चीन के भविष्य के डेवलपमेंट गोल अपनी इकॉनमी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बदलने और अपग्रेड करने पर फोकस करते हैं, जिसमें लेबर-इंटेंसिव और कैपिटल-इंटेंसिव इंडस्ट्रीज़ से फोकस एआई, हाई-एंड सर्विसेज़ और हाई-एंड मैन्युफैक्चरिंग पर शिफ्ट किया जाएगा।

अब चीन में इंडस्ट्रियल आउटपुट वैल्यू पहले से ही यूरोप और यूनाइटेड स्टेट्स को मिलाकर उससे ज़्यादा है, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग GDP का 38% हिस्सा है। चीन नई एनर्जी गाड़ियों में सबसे आगे है, और सेमीकंडक्टर, एविएशन और इनोवेटिव फार्मास्यूटिकल्स में दुनिया की सबसे एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के साथ कदम मिला रहा है। चीन का इंफ्रास्ट्रक्चर, जिसमें हाई-स्पीड रेल, हाईवे और शिपिंग शामिल हैं, सभी डेवलप्ड देशों से कहीं आगे है। और चीन की लाइफ एक्सपेक्टेंसी 79 साल है, जिसमें डेवलपमेंट टारगेट 80 है, जो डेवलप्ड देशों की 81-83 साल के करीब है। चीनी वर्किंग पॉपुलेशन के लिए एजुकेशन के एवरेज साल 11.21 साल हैं, जबकि यूरोप और यूनाइटेड स्टेट्स में 13 साल है। सेल्फ-ड्राइविंग कार, 5G कम्युनिकेशन नेटवर्क, हाई-स्पीड रेल और 80 साल के करीब जीवन प्रत्याशा जैसे क्षेत्रों में, चीन की उपलब्धियां कुछ विकसित देशों से आगे हैं। GDP के आंकड़ों को देखते हुए चीनी अर्थव्यवस्था अगले 10 सालों में दोगुनी होने के लक्ष्य तक जा पहुंच सकेगी।

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(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप , पेइचिंग)

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