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चीन ने विश्व समुदाय से एकतरफा प्रतिबंधों का सामूहिक विरोध करने का किया आह्वान

इंटरनेशनल डेस्क: संयुक्त राष्ट्र में चीनी उपस्थायी प्रतिनिधि सुन लेई ने गुरुवार को पहले “एकतरफा प्रतिबंध विरोधी अंतर्राष्ट्रीय दिवस” पर आयोजित संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान में एकतरफावाद तेजी से फैल रहा है और एकतरफा प्रतिबंध व्यापक रूप से लागू किए जा रहे हैं। चीन ने कुछ पश्चिमी देशों से न्याय की आवाज़ सुनने और तत्काल, बिना शर्त व पूर्ण रूप से एकतरफा प्रतिबंध हटाने का आग्रह किया।

सुन लेई ने जोर देकर कहा कि एकतरफा प्रतिबंध संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों का गंभीर उल्लंघन करते हैं, जीवन और विकास जैसे मौलिक मानवाधिकारों को कमजोर करते हैं, और 2030 सतत विकास एजेंडे के कार्यान्वयन में बाधा डालते हैं। यह समस्या अभी भी प्रभावी ढंग से नियंत्रित नहीं हुई है, जिससे कई विकासशील देशों और उनके नागरिक प्रभावित हो रहे हैं।

उन्होंने बताया कि एकतरफा प्रतिबंधों का विरोध अंतर्राष्ट्रीय समुदाय, विशेषकर “ग्लोबल साउथ” की दीर्घकालिक मांग रही है, और पिछले दशकों में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इस विषय पर 100 से अधिक प्रस्ताव पारित किए हैं। संयुक्त राष्ट्र की स्थापना की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर, चीन ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से आह्वान किया कि वह “एकतरफा प्रतिबंध विरोधी अंतर्राष्ट्रीय दिवस” को एक मौके के रूप में लेते हुए, वास्तविक बहुपक्षवाद को बढ़ावा देने और अंतर्राष्ट्रीय न्याय की रक्षा के लिए सामूहिक शक्ति संगठित करे।

सुन लेई ने यह भी कहा कि “ग्लोबल साउथ” के एक महत्वपूर्ण सदस्य और एकतरफा प्रतिबंधों से प्रभावित देश के रूप में, चीन अपनी वैश्विक शासन पहल के माध्यम से सभी संबंधित पक्षों के साथ मिलकर एकतरफा प्रतिबंधों तथा सभी प्रकार के अधिपत्यवादी व उत्पीड़नकारी व्यवहार का विरोध करेगा। चीन संयुक्त राष्ट्र को केंद्र में रखकर बने अंतर्राष्ट्रीय तंत्र और अंतर्राष्ट्रीय कानून पर आधारित विश्व व्यवस्था की रक्षा करना जारी रखेगा, ताकि वैश्विक शासन को अधिक न्यायसंगत एवं तर्कसंगत दिशा में आगे बढ़ाया जा सके और विश्व शांति व विकास के लिए और अधिक योगदान दिया जा सके।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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