साल 2025 में चीन के वित्त मंत्रालय ने जो राजकोषीय नीति लागू की, उसके नतीजों को लेकर आश्वस्ति का ही बोध है कि इसे 2026 में भी जारी रखने का ऐलान किया गया है। यह ऐलान 20 जनवरी को स्टेट काउंसिल इंफॉर्मेशन ऑफिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में, चीन के वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने किया है। इससे सकारात्मक नतीजों की उम्मीद अधिकारियों ने जताई है। उनका मानना है कि इससे देश की कुल खर्च की क्षमता में इजाफा ही होगा। इस नीति का उद्देश्य आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए ठोस समर्थन देना भी है। लिहाजा इससे जो आर्थिक गति बढ़ेगी, वह खर्च की क्षमता को बढ़ाएगी, इससे घरेलू खपत बढ़ेगी और औद्योगिक उत्पादन में बढ़त होगी। जिसका आखिरी नतीजा आर्थिकी में गति होगा।
चीन के वित्त मंत्रालय का ठीक ही कहना है कि 2026 में राजकोषीय नीति के मार्गदर्शक सिद्धांत का मकसद खर्च के दायरे का विस्तार करना, बुनियादी संरचना में सुधार लाना, औद्योगिक और उत्पादन की दक्षता बढ़ाना और इन सबके जरिए विकास की गति को मज़बूत करना है। जाहिर है कि देश का आर्थिक प्रशासन इन्हीं संदर्भों को लेकर अपना ध्यान केंद्रित करेगा।
वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि 2025 में राजकोषीय नीति में खपत को बढ़ाने और घरेलू मांग का विस्तार करने पर ज़ोर दिया गया, जिसके अच्छे नतीजे मिले। इस दौरान अतिरिक्त ज्यादा वक्त के लिए अल्ट्रा-लॉन्ग स्पेशल ट्रेजरी बॉन्ड जारी करना बड़ा कदम रहा, जिसके जरिए 300 बिलियन युआन की रकम को सीधे उपभोक्ता आधारित सामानों के आंतरिक कारोबार को बढ़ावा देने के मद में सीधे सब्सिडी के तहत आवंटित की गई। इसका असर यह हुआ कि चीन में उपभोक्ता सामान की बिक्री में प्रभावी बढ़ोतरी हुई। पर्सनल कंजम्पशन लोन के लिए ब्याज सब्सिडी और विदेशी पर्यटकों के लिए बेहतर टैक्स रिफंड सेवाओं जैसे उपायों ने भी सप्लाई और डिमांड दोनों तरफ से खपत की क्षमता को बढ़ाने में मदद की।
चीन के वित्त मंत्रालय ने साल 2026 में राजकोषीय नीति जारी रखने के लिए इन्हीं फायदों को आधार बनाया है। इससे उम्मीद की जा रही है कि देश में खपत और निवेश दोनों को दोहरा समर्थन बढ़ा रहेगा। सटीक कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए, वित्त मंत्रालय ने अन्य सरकारी विभागों के साथ मिलकर 20 जनवरी को पांच सहायक नीति दस्तावेज जारी किए, जिसमें प्रमुख उपायों के कार्यान्वयन का विवरण दिया गया है।
निजी खपत कर्ज ब्याज सब्सिडी कार्यक्रम के तहत, साल 2025 की राजकोषीय नीति को साल 2026 के अंत तक बढ़ाया जा रहा है। इसके तहत क्रेडिट कार्ड किश्त भुगतान को भी शामिल किया जा रहा है और उसे साल 2026 तक बढ़ाया जा रहा है। इसके साथ ही चीन में व्यक्तिगत ऋणों पर ब्याज सब्सिडी की सीमा भी हटाई जा रही है।
चीन में निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए, दो सालों में 500 बिलियन युआन यानी करीब $71.8 बिलियन डॉलर का खास गारंटी प्रोग्राम शुरू करने की भी तैयारी है। इसके जरिए छोटे और माइक्रो एंटरप्राइज़ेज़ के लिए निजी निवेश कर्ज के लिए क्रेडिट एन्हांसमेंट देने पर फोकस किया जाएगा। इसी तरह इक्विपमेंट रिन्यूअल लोन इंटरेस्ट सब्सिडी पॉलिसी का भी विस्तार किया जा रहा है। कंस्ट्रक्शन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बुजुर्गों की देखभाल सहित 10 से ज़्यादा नए सेक्टरों को इस प्रोग्राम के तहत लाने की तैयारी है, जिसमें ब्याज सब्सिडी दर 1.5 प्रतिशत तय की गई है। जाहिर है कि इन उपायों से चीन में घरेलू खपत को बढ़ाने के साथ ही घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने, छोटे उत्पादकों और कारोबारियों को राहत देने के साथ ही सेवा क्षेत्र को भी तेज करने पर जोर दिया जा रहा है।
छोटे और माइक्रो एंटरप्राइज़ेज़ के लिए, योग्य फिक्स्ड-एसेट लोन पर 1.5 प्रतिशत अंक की सालाना इंटरेस्ट सब्सिडी मिलती रहेगी। इसी तरह हर एंटरप्राइज़ सब्सिडी के लिए अधिकतम लोन राशि 50 मिलियन युआन तक होगी। सर्विस-सेक्टर की कारोबारी संस्थाओं के लिए भी 2026 के आखिर तक समर्थन जारी रहेगा। हर संस्था के लिए अधिकतम सब्सिडी लोन की राशि बढ़ाकर 10 मिलियन युआन की जा रही है। इसमें इस बार डिजिटल और ग्रीन सेक्टरों को भी जोड़कर उनके लिए नए समर्थन कार्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग) (लेखक- उमेश चतुर्वेदी)
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