
पिछले दस साल वह दशक रहे हैं जिसमें चीन ने वैज्ञानिक और तकनीक के सुधार और विकास में बड़ी उपलब्धियाँ हासिल की हैं। साथ ही इस विकास की वजह से चीन ने दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले अपने स्थान को मज़बूत बना दिया है। इस दौरान वैश्विक मंच पर चीनी निर्माताओं, टेक कंपनियों, सर्विस इंडस्ट्री समेत अन्य सेक्टर का बोलबाला रहा। इसके अलावा चीन ने वैज्ञानिक और तकनीक के ज़रिए आर्थिक विकास में बढ़ावा देने के साथ-साथ लोगों के जीवन के स्तर पर भी काफी ध्यान दिया है।
लेकिन एक दशक पहले चीन को विज्ञान-तकनीक सुधार में एक महत्वपूर्ण चुनौती का सामना करना पड़ा था। वर्ष 2012 में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की 18वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के बाद से, राष्ट्रपति शी चिनफिंग के नेतृत्व में चीनी सरकार ने संरचनात्मक विज्ञान-तकनीक सुधार को व्यापक रूप से गहन सुधार के केंद्र के रूप में बनाया है और प्रमुख विज्ञान-तकनीक विकास और सुधार उपायों की एक श्रृंखला को तैयार करके और इसमें बढ़ावा देने के लिये प्रयास किया।
वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद, चीन की हाई-स्पीड रेल, एआई, 5G तकनीक, मानव रहित ड्राइविंग, एक्सप्रेस डिलीवरी सेवा, मोबाइल पेमेंट और नई ऊर्जा वाहन समेत विभिन्न क्षेत्र में सबसे आगे चल रहे हैं। इन उन्नत तकनीकों का न सिर्फ़ चीनी लोगों के जीवन में व्यापक रूप से उपयोग किया जा रहा है, बल्कि यह दुनिया भर के लोगों की जीवनशैली में भी धीरे-धीरे से बदलाव ला रहे हैं।
इसके अलावा व्यावसायिक उड़ान के लिये चीन के घरेलू बड़े यात्री विमान C-919 जेटलाइनर की डिलीवरी से लेकर चंद्रमा के दूर के हिस्से से पहली बार नमूने इकट्ठे करके पृथ्वी पर वापस लाने वाले सफल छांग‘अ-6 मिशन तक, ये सारी महत्वपूर्ण सफलताएं पिछले दशक में चीन की स्वतंत्र विज्ञान-तकनीक नवाचार उपलब्धियों का अद्भुत उदाहरण हैं।
विश्व बौद्धिक संपदा संगठन द्वारा जारी ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स के अनुसार, चीन का इनोवेशन इंडेक्स, वर्ष 2012 में 34वें से बढ़कर 2023 में 12वें स्थान पर पहुंच गया। वर्तमान में चीन अंतर्राष्ट्रीय अत्याधुनिक नवाचार में एक महत्वपूर्ण भागीदार बन गया है और विज्ञान-तकनीक के माध्यम से वैश्विक समस्याओं को संयुक्त रूप से हल करने में एक महत्वपूर्ण योगदानकर्ता भी बन गया है।
पिछले महीने में चीन की राजधानी पेइचिंग में आयोजित चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की 20वीं केंद्रीय समिति के तीसरे पूर्ण अधिवेशन में एक बार फिर विज्ञान और प्रौद्योगिकी प्रणाली में सुधार को गहन करने पर ज़ोर दिया गया है। इससे पता चलता है कि चीन वैज्ञानिक और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देना जारी रखेगा, और इसके माध्यम से देश के उच्च गुणवत्ता वाले विकास को आगे बढ़ाएगा।
(लेखक—रमेश शर्मा)
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