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कैसे संतुलित रख रहा खुद को चीन

China

China: ईरान पर इज़राइल और अमेरिका के हमले के बाद हो रहा संघर्ष ना सिर्फ पूरी दुनिया, बल्कि चीन के लिए भी जोखिम भरा है, लेकिन चीन ने पहले से ही अपने तेल स्रोतों को मजबूत कर रखा है, इसके साथ ही उसने अपने कूटनीतिक कार्यक्रमों को संतुलित रखा है, इसके साथ ही नई तकनीक में निवेश बढ़ा रखा है। इसकी वजह से उसका विकास चक्र अब भी जारी है और उम्मीद की जा रही है कि संघर्ष के चलते रहने के बावजूद चीन अपने आर्थिक हितों को ना सिर्फ बचाए रख सकता है, बल्कि विकास की गति को भी बनाए रखने में कारगर हो सकता है।

वैसे तो इस साल यानी 2026 की शुरुआत में जो रिपोर्टें आईं, उनके अनुसार, चीन न केवल अपनी विकास दर को बनाए हुए है, बल्कि उसके विकास का पहिया नए क्षेत्रों में भी विस्तार कर रहा है। इसके पीछे चीन के कई रणनीतिक कारण हैं। सबसे पहला कारण है, चीन द्वारा अपनी ऊर्जा आपूर्ति का विविधीकरण किया जाना। इसकी वजह से चीन ने ईरान से तेल आयात पर अपनी निर्भरता को कम किया है। अब मध्य पूर्व के संघर्ष का सीधा असर चीन की ऊर्जा सुरक्षा पर नहीं पड़ा है।

चीन के विकास की गाड़ी के चलते रहने का दूसरा कारण उसका रणनीतिक भंडार भी है। कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार, चीन ने पिछले एक साल से अधिक समय से तेल का बड़ा भंडार जमा कर रखा है। चीन सरकार को लगता था कि अगर संघर्ष हुआ तो वह अपने रणनीतिक तेल भंडारों के सहयोग से अपनी विकास की जरूरतों को पूरा कर सकता है।

चीन के विकास चक्र को जारी रहने की वजह एक राष्ट्र के रूप में चीन की ‘रणनीतिक धैर्य’ की नीति यानी पॉलिसी ऑफ स्ट्रेटेजिक पेशेंस भी है। चीन अपनी ऊर्जा और आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए रणनीतिक रूप से पर्दे के पीछे से सक्रिय है। वह सीधे संघर्ष में शामिल नहीं है।

चीन ने तकनीकी विकास की गति भी तेज कर रखी है। पहले से उसका जोर इलेक्ट्रिक वाहन और बिजली केंद्रित तकनीक पर है। अगर मौजूदा संघर्ष के दौर में भी उसकी विकास दर में खास अंतर नहीं दिख रहा है तो इसकी बड़ी वजह उसका तकनीकी और घरेलू विकास पर जोर भी है। चीन ने 2026 से 2030 की अवधि के लिए अपनी अर्थव्यवस्था को ‘हाई-क्वालिटी डेवलपमेंट’ यानी उच्च-गुणवत्ता युक्त विकास की ओर मोड़ने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत चीन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम तकनीक, 6जी और बायोमैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में भारी निवेश किया जा रहा है। इसके साथ ही चीन ने घरेलू खपत और विनिर्माण में भी काफी वृद्धि की है। चीन ने विदेशों को निर्यात के अलावा, अपने तीसरे और निचले स्तर के शहरों में घरेलू खपत को बढ़ावा दे रहा है। 2026 की शुरुआत में चीन का व्यापार विकास अनुमानों से अधिक रहा है, जिसमें जहाज, चिप्स और कारों के निर्यात में मजबूत वृद्धि देखी गई है।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग) (लेखक— उमेश चतुर्वेदी)

 

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