Last Updated: September 18, 2026

Dainik Savera Times Logo

‘दूसरे देशों पर अधिकार जताना बंद करे वाशिंगटन’, अमेरिका के नए टैरिफ कानून का चीन ने क‍िया व‍िरोध

September 18, 2026

‘दूसरे देशों पर अधिकार जताना बंद करे वाशिंगटन’, अमेरिका के नए टैरिफ कानून का चीन ने क‍िया व‍िरोध

नई द‍िल्‍ली: रूस से तेल-गैस खरीद पर 100 प्रत‍िशत तक शुल्क लगाने वाले अमेरिकी कानून ‘सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट’ को लेकर चीन ने कड़ी प्रत‍िक्र‍िया जाह‍िर की। चीन के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी कांग्रेस के इस कदम की कड़ी आलोचना करते हुए कहा क‍ि ऐसे कानूनों का अंतरराष्ट्रीय कानून में कोई आधार नहीं है। चीन ऐसे कानूनों का व‍िरोध करता है।

चीन व‍िदेश मंत्रालय ने सोशल मीड‍िया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पोस्‍ट पर ल‍िखा, “चीन दूसरे देशों के साथ बराबरी और आपसी फायदे के आधार पर सामान्य आर्थिक और व्यापारिक सहयोग करता है। यह सहयोग किसी तीसरे देश के खिलाफ नहीं है और इसमें किसी तरह की रुकावट या दबाव नहीं होना चाहिए। चीन ऐसे कानूनों के जरिए दूसरे देशों पर अधिकार जताने और एकतरफा पाबंदियां लगाने का कड़ा विरोध करता है, जिनका अंतरराष्ट्रीय कानून में कोई आधार नहीं है और जिन्हें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मंजूरी भी नहीं मिली है।”

इस विधेयक में रूसी उत्पादों पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रावधान है। साथ ही, रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों से आने वाले सामान पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाया जा सकता है। सीनेटर केटी ब्रिट के कार्यालय के अनुसार, जिन देशों की ओर से रूस से आयात की जाने वाली प्राकृतिक गैस रूस के कुल गैस निर्यात का 15 प्रतिशत से कम है और जो अपनी खरीद कम करने के लिए गंभीर कदम उठा रहे हैं, उन्हें छूट दी जा सकती है।

इस कानून का उद्देश्य यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध को जारी रखने के लिए मिलने वाले आर्थिक संसाधनों को कम करना है। इसके तहत रूसी अधिकारियों, बैंकों, ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी संस्थाओं और रूस के सैन्य अभियानों का समर्थन करने वाली विदेशी संस्थाओं को निशाना बनाया गया है।

ये प्रावधान उन बड़े देशों पर लागू होंगे जो रूस से बड़ी मात्रा में ऊर्जा आयात करते हैं या रूस पर लगे तेल प्रतिबंधों को दरकिनार करने में मदद करते हैं। समिति ने कहा कि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि हर 180 दिन में समीक्षा करेगा और जरूरत पड़ने पर अन्य देशों को भी इस सूची में जोड़ा जा सकता है।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें