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वैश्विक अर्थव्यवस्था को स्थिरता देता चीन

December 7, 2023

वैश्विक अर्थव्यवस्था को स्थिरता देता चीन

लगातार आठ वर्षों से चीन की नई ऊर्जा वाहन उत्पादन और बिक्री दुनिया में पहले स्थान पर है। यह चीन की बढ़ती अर्थव्यवस्था का एक सूक्ष्म रूप है। आर्थिक विकास दर एक सहज संकेतक है। इस साल की पहली तीन तिमाहियों में चीन की अर्थव्यवस्था साल-दर-साल 5.2% की दर से बढ़ी। इसी अवधि के दौरान, अमेरिका और यूरोज़ोन की साल-दर-साल आर्थिक विकास दर क्रमशः 2.4% और 0.5% थी।

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष(आईएमएफ़) और आर्थिक सहयोग और विकास संगठन ने हाल ही में 2023 के लिए चीन की आर्थिक वृद्धि का अनुमान क्रमशः 5.4% और 5.2% तक बढ़ा दिया है। जेपी मॉर्गन चेज़, मॉर्गन स्टेनली और सिटीग्रुप जैसे कई वाणिज्यिक संस्थानों ने भी इसका अनुसरण किया और इस वर्ष चीन की आर्थिक वृद्धि के लिए अपने पूर्वानुमानों को 5% से ऊपर बढ़ा दिया है। आईएमएफ़ का यह भी अनुमान है कि चीन की अर्थव्यवस्था इस वर्ष विश्व आर्थिक विकास में 30% से अधिक का योगदान देगी। चीन की अर्थव्यवस्था का भविष्य क्या है? अधिकतर अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने सर्वसम्मति से फैसला सुनाया है।

आइये बहुराष्ट्रीय निगमों पर नजर डालें- इस साल जनवरी से अक्टूबर तक चीन में 41,947 नए विदेशी निवेश वाले उद्यम स्थापित हुए, जो साल-दर-साल 32.1% की वृद्धि थी। कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों की नज़र में, “चीन के साथ व्यापार करने” का मतलब सुविधा है। यह सुविधा कहां से आती है? कारण यह है कि चीन के पास दुनिया में सबसे सम्पन्न औद्योगिक श्रेणियां और पूर्ण औद्योगिक प्रणाली वाला विनिर्माण उद्योग है, और इसका पैमाना लगातार 13 वर्षों से दुनिया में पहले स्थान पर है। चीन ने लगातार छह वर्षों तक दुनिया के सबसे बड़े माल व्यापारी देश के रूप में अपनी स्थिति बनाए रखी है। चीन के अनुसंधान एवं विकास कर्मियों की कुल संख्या कई वर्षों से दुनिया में पहले स्थान पर है और वे स्थानीय नवाचार को लगातार प्रोत्साहित करते रहे हैं।

उदाहरण के तौर पर अमेरिकी कंपनी टेस्ला को लें। वर्तमान में, शांगहाई गीगा फैक्ट्री में वाहनों के हिस्सों की स्थानीयकरण दर 95% से अधिक है, और 40 सेकंड से भी कम समय में एक कार का बनाई जा सकती है। अकेले टेस्ला ने 400 से अधिक स्थानीय प्रथम-स्तरीय आपूर्तिकर्ताओं के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं, जिनमें से 60 से अधिक आपूर्तिकर्ताओं ने टेस्ला की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रणाली में प्रवेश किया है। टेस्ला की उपाध्यक्ष थाओ लिन ने कहा कि टेस्ला के विनिर्माण लाभ चीन की मजबूत और पूर्ण आपूर्ति श्रृंखला प्रणाली से अविभाज्य हैं, और उन्हें भविष्य में चीनी बाजार में प्रवेश जारी रखने की उम्मीद है। 

चीन दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता बाज़ार और सबसे बड़ा ऑनलाइन खुदरा बाज़ार है। अनुमान के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों में चीन की एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) निवेश रिटर्न दर 9.1% है, जबकि यूरोप और अमेरिका में लगभग 3% है, और ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाएं लगभग 4% – 8% हैं। यह देखा जा सकता है कि चीन में विदेशी निवेश पर रिटर्न दर वैश्विक स्तर पर अपेक्षाकृत उच्च स्तर पर है।

इसके अलावा, कुछ विकसित देशों से चीन में प्रत्यक्ष निवेश में काफी वृद्धि भी हुई है। इस वर्ष के पहले दस महीनों में, कनाडा, ब्रिटेन, फ्रांस, स्विट्जरलैंड और नीदरलैंड से चीन में वास्तविक निवेश क्रमशः 110.3%, 94.6%, 90%, 66.1% और 33% बढ़ गया।

आज का चीन अब केवल “दुनिया का कारखाना” नहीं रह गया है। हरित विकास और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में, चीन भी “नेतृत्व” कर रहा है और विश्व अर्थव्यवस्था में नई गति ला रहा है। वर्तमान में, चीन की नई ऊर्जा क्षमता दुनिया की स्थापित क्षमता के एक तिहाई से अधिक है, और पवन ऊर्जा, जल विद्युत, सौर ऊर्जा उत्पादन और बायोमास बिजली उत्पादन की क्षमता दुनिया में पहले स्थान पर है। चीन की डिजिटल अर्थव्यवस्था का तेजी से विकास भी ध्यान खींचने वाला है, जो कुल मात्रा के मामले में दुनिया के दूसरे स्थान पर है, और इंटरनेट अनुप्रयोगों, नेटिज़न्स की संख्या और कृत्रिम बुद्धिमत्ता विकास जैसे कई पहलुओं में दुनिया में अग्रणी है।

गहरे स्तर पर देखें तो वैश्विक अर्थव्यवस्था वर्तमान में उच्च मुद्रास्फीति, भू-राजनीतिक संघर्ष, ऊर्जा और खाद्य संकट जैसी कई चुनौतियों का सामना कर रही है, और “स्थिरता” एक दुर्लभ संसाधन बन गया है। चीन बिल्कुल इसी प्रकार की स्थिरता प्रदान करता है।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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