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चीन-श्रीलंका संबंध आपसी सम्मान पर आधारित आदर्श बनेंगे: श्रीलंकाई प्रधानमंत्री

China-Sri Lanka relations

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इंटरनेशनल डेस्क: हाल ही में श्रीलंका की प्रधानमंत्री हरिनी अमरासुरिया ने चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) को दिए एक विशेष साक्षात्कार में कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि आपसी सम्मान और विश्वास पर आधारित चीन-श्रीलंका संबंध द्विपक्षीय सहयोग का एक आदर्श बनेगा, जिससे दोनों देशों को लाभ होगा।

चीन की अपनी हालिया यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री अमरासुरिया ने पेइचिंग में फॉरबिडन सिटी और ग्रेट वॉल जैसे प्रमुख सांस्कृतिक स्थलों का दौरा किया। उन्होंने विशेष रूप से चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के इतिहास संग्रहालय का भी भ्रमण किया। उन्होंने कहा कि चीन की उपलब्धियों को देखकर ऐसा लगता है मानो यह किसी चमत्कार से कम नहीं है। आज चीन की वैश्विक स्थिति केवल उत्पादन और निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि वह नवाचार और प्रगति के प्रति भी प्रतिबद्ध है। वैश्विक मंच पर चीन लगभग हर क्षेत्र में खोज और नेतृत्व करता दिखाई देता है।

राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बारे में बात करते हुए अमरासुरिया ने कहा कि वह एक अत्यंत करिश्माई नेता हैं और उनसे मिलना तथा विचारों का आदान-प्रदान करना उनके लिए सम्मान की बात थी। उन्होंने ‘मानव जाति के साझा भविष्य वाले समुदाय’ की अवधारणा का समर्थन करते हुए कहा, ‘हमें मिलकर काम करना चाहिए और अलगाववादी सोच को त्याग देना चाहिए।’ उनका मानना है कि मौजूदा अशांत वैश्विक माहौल में विभिन्न देशों के नेताओं को शांतिपूर्ण समाधान तलाशने के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए, क्योंकि एक देश के कदमों का प्रभाव अन्य देशों और समाजों पर भी पड़ता है।

अमरासुरिया ने चीन-श्रीलंका संबंधों के भविष्य को लेकर भरोसा जताते हुए कहा कि दोनों देशों के विचार और दृष्टिकोण में काफी समानता है। उनका मानना है कि यह संबंध एक मजबूत और स्थिर द्विपक्षीय साझेदारी का उदाहरण बनेगा। उन्होंने हरित ऊर्जा, शिक्षा के आधुनिकीकरण, कृषि, स्वास्थ्य सेवा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने की उम्मीद जताई। बेल्ट एंड रोड पहल में शामिल होने वाले शुरुआती देशों में से एक होने के नाते श्रीलंका इस साझा विकास प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी जारी रखेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि यद्यपि श्रीलंका एक द्वीप राष्ट्र है, फिर भी यहां समृद्ध और विविध पर्यटन संसाधन मौजूद हैं और लोग बेहद गर्मजोशी से अतिथियों का स्वागत करते हैं। उन्होंने अधिक से अधिक चीनी पर्यटकों के श्रीलंका आने की आशा जताई। उनका विश्वास है कि पर्यटन, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार बढ़ेगा, जिससे दोनों देशों के लोगों को लाभ मिलेगा।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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