चीनी प्रतिरक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता च्यांग पिन ने 8 अगस्त को हाल में सैन्य संबंधी मुद्दों पर संवाददाताओं से सवालों के जवाब दिए। हाल में चीन के कई इलाकों में भारी बारिश हुई। इससे बाढ़ और भूवैज्ञानिक आपदा हुई। इस बारे में च्यांग पिन ने कहा कि बाढ़ और आपदा आने के बाद जन मुक्ति सेना और सशस्त्र पुलिस बल के सैनिक शीघ्र ही बाढ़ की रोकथाम और आपदा राहत में लगे। अब तक 19 हजार से अधिक सैनिकों और 2 हजार से ज्यादा वाहन व निर्माण मशीनरी को भेजा गया। सैनिकों और 32 हजार से अधिक मिलिशिया ने देश के 8 प्रांतों के 13 इलाकों में बाढ़ की रोकथाम और आपदा राहत कार्य में भाग लिया। उन्होंने नागरिकों का स्थानांतरण करने, राहत सामग्रियों का परिवहन करने, तटबंधों को मजबूत करने और सड़कों की मरम्मत करने में सहायता की।
वहीं, हाल में चीन में द्वितीय विश्व युद्ध के इतिहास को दर्शाती कई फिल्में रिलीज़ हुईं। इसकी चर्चा में प्रवक्ता च्यांग पिन ने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापानी सैन्यवाद ने आक्रमणकारी युद्ध छेड़ा और जघन्य अपराध किए। इससे चीनी और वैश्विक लोगों पर गंभीर आपदा लाई गई। आज अधिकाधिक लोग फिल्म के जरिए जापानी सैन्यवाद की अमानवीय क्रूरता समझ सकते हैं और जापानी फासीवाद के विरुद्ध चीनी और वैश्विक लोगों के वीरतापूर्ण संघर्ष के बारे में जाना। अधिकाधिक अंतर्राष्ट्रीय मित्रों ने स्वेच्छा से जापानी आक्रमणकारियों के अपराधों का पर्दाफाश करने वाले ऐतिहासिक साक्ष्य दान किए। तथ्यों के सामने द्वितीय विश्व युद्ध के इतिहास को तोड़कर आक्रामक युद्ध का महिमामंडन करने की कोई भी कोशिश सफल नहीं होगी। इस साल चीनी जनता के जापानी अतिक्रमण विरोधी युद्ध और विश्व फासीवाद विरोधी युद्ध की विजय की 80वीं वर्षगांठ है। चीनी सेना और मजबूत क्षमता और अधिक विश्वसनीय साधनों के साथ राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और विकास हितों की रक्षा करेगी।
चीन और रूस के बीच सामान्य प्रतिरक्षा सहयोग की चर्चा में प्रवक्ता ने कहा कि संयुक्त समुद्री सैन्याभ्यास चीनी और रूसी नौसेनाओं के बीच संस्थागत सहयोग परियोजना है। वर्ष 2012 से 10 बार इसका सफल आयोजन किया गया है। चीन और रूस हमेशा गठबंधन न करने, टकराव न करने और तीसरे पक्ष को निशाना न बनाने के सिद्धांत पर सेनाओं के बीच संबंधों का विकास करते हैं और एक साथ अंतर्राष्ट्रीय व क्षेत्रीय शांति व स्थिरता में भूमिका निभाते हैं। आशा है कि संबंधित पक्ष वस्तुगत और समझदार ढंग से चीन और रूस के बीच सामान्य प्रतिरक्षा सहयोग देखेंगे।
अंत में प्रवक्ता च्यांग पिन ने कहा कि हम हमेशा दक्षिण चीन सागर मुद्दे के बहाने टकराव भड़काने का विरोध करते हैं। चीन का हमेशा से यही विचार रहा है कि देशों के बीच सैन्य सहयोग तीसरे पक्ष को लक्षित नहीं करना चाहिए और क्षेत्रीय शांति व स्थिरता को खतरे में नहीं डाला जाना चाहिए। फिलीपींस की कार्रवाई क्षेत्रीय देशों की शांति, विकास और स्थिरता की आम आकांक्षा के विरुद्ध है। हम फिलीपींस से उकसावे भरी कार्रवाई बंद करने का आग्रह करते हैं।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

