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दक्षिण चीन सागर के संबंध में कुछ देशों की गलत टिप्पणियों पर चीन की कड़ी प्रतिक्रिया

December 9, 2025

दक्षिण चीन सागर के संबंध में कुछ देशों की गलत टिप्पणियों पर चीन की कड़ी प्रतिक्रिया

संयुक्त राष्ट्र में चीन के उप-स्थायी प्रतिनिधि सुन लेई ने स्थानीय समयानुसार 8 दिसंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र में “समुद्र और समुद्र का कानून” विषय पर अपने भाषण के दौरान दक्षिण चीन सागर के संबंध में कुछ देशों की गलत टिप्पणियों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

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सुन लेई ने इस बात पर ज़ोर दिया कि दक्षिण चीन सागर और उसके आसपास के द्वीपों पर चीन की निर्विवाद संप्रभुता है, और संबंधित जल क्षेत्रों पर चीन की संप्रभुता है तथा उसका क्षेत्राधिकार भी है। दक्षिण चीन सागर में चीन की प्रादेशिक संप्रभुता और समुद्री अधिकारों का पूर्ण ऐतिहासिक और कानूनी आधार है।

सुन लेई ने कहा कि “दक्षिण चीन सागर मध्यस्थता मामले” पर चीन की स्थिति सुसंगत, स्पष्ट और दृढ़ है। “दक्षिण चीन सागर मध्यस्थता मामला” कानून के भेष में एक राजनीतिक प्रहसन है, जो अंतर्राष्ट्रीय कानून के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन करता है, संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून कन्वेंशन का उल्लंघन करता है, और दक्षिण चीन सागर के बारे में बुनियादी तथ्यों का खंडन करता है। चीन इस “निर्णय” को स्वीकार या मान्यता नहीं देता है, न ही इस पर आधारित किसी भी दावे या कार्रवाई को स्वीकार करता है। दक्षिण चीन सागर में चीन की प्रादेशिक संप्रभुता और समुद्री अधिकार किसी भी परिस्थिति में इस “निर्णय” से अप्रभावित हैं। फिलीपींस के “समुद्री क्षेत्र कानून” ने अवैध रूप से हुआंगयान द्वीप और नानशा द्वीप समूह के अधिकांश द्वीपों और चट्टानों और संबंधित समुद्री क्षेत्रों को अपने समुद्री क्षेत्र में शामिल किया, जो चीन की प्रादेशिक संप्रभुता और समुद्री अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। चीन इसका कड़ा विरोध करता है।

सुन लेई ने कहा कि दक्षिण चीन सागर दुनिया के सबसे सुरक्षित और मुक्त जलमार्गों में से एक है, और दक्षिण चीन सागर में नौवहन और उड़ान की स्वतंत्रता कभी कोई मुद्दा नहीं रही है। चीन अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार दक्षिण चीन सागर में सभी देशों द्वारा प्राप्त नौवहन और उड़ान की स्वतंत्रता का निरंतर सम्मान और समर्थन करता है, लेकिन “नौवहन की स्वतंत्रता” की आड़ में चीन की संप्रभुता और सुरक्षा के किसी भी उल्लंघन का कड़ा विरोध करता है। फिलीपींस का “द्वीपसमूह समुद्री कानून” कई पहलुओं में अंतर्राष्ट्रीय कानून द्वारा निर्धारित अंतर्राष्ट्रीय नियमों के अनुरूप नहीं है, जो सभी पक्षों के नौवहन की स्वतंत्रता के अधिकारों को कमजोर करता है।

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(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

 

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