साल 2026 में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना की 105वीं वर्षगांठ है। इस अवसर को चीन में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है। सीपीसी की स्थापना वर्ष 1921 में हुई थी। पिछले एक सदी से भी अधिक समय में इस पार्टी ने चीन की राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज और विकास की दिशा तय करने में केंद्रीय भूमिका निभाई है। सीपीसी ने देश को एकजुट किया। कई चुनौतियों का सामना किया और आधुनिक चीन के निर्माण में अहम योगदान दिया। पार्टी ने कठिन परिस्थितियों में भी लोगों का नेतृत्व करते हुए देश को आगे बढ़ाने का काम किया।
संघर्ष से लेकर सत्ता तक का लंबा सफर
सीपीसी की शुरुआत 1921 में कुछ सदस्यों के छोटे से समूह के साथ हुई थी। इसके बाद पार्टी ने लंबे समय तक संघर्ष किया। वर्ष 1949 में नए चीन की स्थापना के साथ ही सीपीसी देश की सत्तारूढ़ पार्टी बन गई। तब से लेकर आज तक चीन में सीपीसी ही सत्ता में है और देश की राजनीतिक व्यवस्था में उसकी प्रमुख भूमिका बनी हुई है।
विकास की कहानी
सीपीसी ने देश को आर्थिक विकास, औद्योगिकीकरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, शिक्षा, आधारभूत ढांचे और गरीबी उन्मूलन जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ाने का प्रयास किया है। उसने देश के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया को तेज किया और चीन को वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण शक्ति के रूप में स्थापित करने में भूमिका निभाई। बीते दशकों में चीन ने विनिर्माण, हाई-स्पीड रेल, डिजिटल तकनीक, अंतरिक्ष कार्यक्रम और बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा निर्माण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है।
चीन के आधुनिकीकरण पर खास जोर
सीपीसी लगातार इस बात पर जोर देती रही है कि उसका लक्ष्य चीनी शैली के आधुनिकीकरण को आगे बढ़ाना है। इसका उद्देश्य केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है बल्कि विज्ञान, तकनीक, शिक्षा, नवाचार, पर्यावरण संरक्षण और लोगों के जीवन स्तर में सुधार को भी शामिल करता है। मजबूत राष्ट्र के निर्माण और दीर्घकालिक विकास के लिए आधुनिकीकरण सबसे महत्वपूर्ण आधार है।
‘चीनी राष्ट्र के महान पुनर्जागरण’ का लक्ष्य
सीपीसी की विचारधारा में चीनी राष्ट्र का महान पुनर्जागरण एक प्रमुख लक्ष्य माना जाता है। पार्टी का कहना है कि आधुनिक,समृद्ध और मजबूत चीन का निर्माण इसी दीर्घकालिक लक्ष्य का हिस्सा है। पार्टी ने पिछले 105 वर्षों में लोगों को एकजुट करते हुए राष्ट्रीय विकास को नई दिशा दी और देश को वैश्विक स्तर पर अधिक प्रभावशाली बनाने की दिशा में काम किया।
105वीं वर्षगांठ क्यों है खास?
साल 2026 की 105वीं वर्षगांठ केवल एक ऐतिहासिक उपलब्धि नहीं बल्कि चीन के लिए अपने विकास के सफर की समीक्षा करने का भी अवसर मानी जा रही है। सीपीसी ने पिछले एक सदी में न्यायपूर्ण उद्देश्य के लिए स्वयं का बलिदान देने और दुनिया को बदलने का साहस जैसी भावना के साथ काम किया है। पार्टी का दावा है कि इसी भावना के बल पर उसने चीन के आधुनिकीकरण, मजबूत राष्ट्र के निर्माण और चीनी राष्ट्र के महान पुनर्जागरण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग) (लेखक— डी के)

