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संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के महिला अधिकारों पर आयोजित संगोष्ठी में चीन ने अपना रुख स्पष्ट किया

United Nations Human Rights Council

United Nations Human Rights Council

United Nations Human Rights Council: हाल ही में स्विट्जरलैंड के जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 62वें सत्र में महिला अधिकारों पर एक संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें चीनी प्रतिनिधिमंडल की उप प्रमुख ली श्याओमेई ने अपने भाषण में चीन का रुख स्पष्ट किया।

ली श्याओमेई ने कहा कि 24 जून को अंतर्राष्ट्रीय महिला राजनयिक दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो कूटनीति में महिलाओं के उत्कृष्ट योगदान को दर्शाता है। चीन इस दिन सभी महिला राजनयिकों को बधाई देता है। चीन महिलाओं के खिलाफ किसी भी प्रकार की हिंसा का कड़ा विरोध करता है और उसे कड़ी सजा देता है। चीन ने महिलाओं के खिलाफ हिंसा को समाप्त करने के लिए एक व्यापक कानूनी निगरानी प्रणाली स्थापित की है। चीन ने हाल ही में अपनी राष्ट्रीय मानवाधिकार कार्य योजना (2026-2030) जारी की है, जिसके तहत वह महिलाओं और लड़कियों के लिए अपनी सुरक्षा प्रणाली में लगातार सुधार कर रहा है और महिलाओं और बच्चों के वैश्विक आंदोलन में अधिक स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर रहा है।

ली श्याओमेई ने जापान के मानवाधिकार रिकॉर्ड की आलोचना करते हुए कहा कि इस वर्ष टोक्यो ट्रायल की 80वीं वर्षगांठ है। जबरन भर्ती की गई कंफर्ट वूमेनजापानी सैन्यवाद द्वारा महिलाओं के खिलाफ किया गया मानवता के विरुद्ध एक गंभीर अपराध था। चीन जापान से आग्रह करता है कि वह अपने आक्रामक इतिहास पर गहराई से विचार करे और ईमानदारी के साथ ऐतिहासिक मुद्दों का उचित समाधान करे।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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