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चीन के आइसब्रेकर ‘श्येलोंग’ ने अंटार्कटिका में वैज्ञानिक मिशन पूरा किया

Chinese icebreaker 'Xialong' scientific mission Antarctica

Chinese icebreaker 'Xialong' scientific mission Antarctica

चीन के प्रसिद्ध ध्रुवीय अनुसंधान पोत ‘श्येलोंग’ (स्नो ड्रैगन) ने गुरुवार को अंटार्कटिका के रॉस सागर में एक ध्वनिक उपकरण को सफलतापूर्वक बरामद करने के साथ अपने 42वें अभियान के दौरान प्रमुख समुद्री वैज्ञानिक सर्वेक्षण कार्य पूरा कर लिया।

अभियान के अनुसार, ‘श्येलोंग’ पर सवार वैज्ञानिक दल ने अमुंडसेन सागर, रॉस सागर और आसपास के क्षेत्रों में बहु-विषयक अनुसंधान किया। टीम ने समुद्र के जल-विज्ञान, समुद्री जीव विज्ञान, समुद्री रसायन विज्ञान और वायुमंडलीय पर्यावरण का अध्ययन किया। इस दौरान पेंगुइन के आवासों का भी सर्वेक्षण किया गया।

24 जनवरी से 19 फरवरी तक, वैज्ञानिक दल ने भारी बर्फबारी, कोहरे, ऊंची लहरों और गंभीर बर्फ की स्थिति के बावजूद लक्षित क्षेत्रों में सर्वेक्षण किए। अभियान के प्रमुख चांग हाईफेंग ने बताया कि टीम ने समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र के प्रमुख तत्वों का अध्ययन करने पर ध्यान केंद्रित किया। उनके मुताबिक वैज्ञानिक दल ने पानी के अंदर मूरिंग सिस्टम (स्थिर वैज्ञानिक उपकरण) की रिकवरी और डिप्लॉयमेंट, नए क्रिल नेट (झींगा जैसे समुद्री जीवों के लिए जाल) का उपयोग और समुद्र के तापमान व लवणता को मापने के लिए उपकरण तैनात किए।

इस यात्रा के दौरान, ‘श्येलोंग’ दल ने चार पारिस्थितिक मूरिंग सिस्टम को सफलतापूर्वक पुनः प्राप्त किया और चार नए सिस्टम तैनात किए। उन्होंने क्रिल (झींगा), मध्य-जल स्तर की मछलियों और समुद्र तल पर रहने वाले जीवों के महत्वपूर्ण जैविक नमूने भी एकत्र किए। ये नमूने वैज्ञानिकों को इन क्षेत्रों में खाद्य श्रृंखला और प्रमुख प्रजातियों की आबादी में हो रहे बदलावों को समझने में मदद करेंगे।

अभियान के दौरान कई नई तकनीकों का भी सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया। तैनात किए गए ध्रुवीय पारिस्थितिक मूरिंग सिस्टम में स्वदेशी ध्वनिक और ऑप्टिकल सेंसर लगे थे, जो बर्फ के नीचे समुद्र की लंबी अवधि तक निगरानी कर सकते हैं। वैज्ञानिकों ने स्व-विकसित मल्टी-लेयर क्रिल नेट का भी परीक्षण किया, जो विभिन्न गहराई पर क्रिल के वितरण को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेगा।

अब ‘श्येलोंग’ के वैज्ञानिक दल के सदस्य और छिनलिंग स्टेशन में तैनात ग्रीष्मकालीन अभियान दल के सदस्य ऑस्ट्रेलिया के होबार्ट बंदरगाह के लिए रवाना होंगे, जहां से वे विमान द्वारा स्वदेश लौटेंगे। इस बीच, ‘श्येलोंग’ अंटार्कटिका में चोंगशान स्टेशन की ओर बढ़ेगा, जहां वह अपने अभियान के अगले चरण को अंजाम देगा।

बता दें कि यह 42वां अंटार्कटिक अभियान चीनी प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय के नेतृत्व में आयोजित किया गया था। यह अंटार्कटिका में जलवायु परिवर्तन और पारिस्थितिकी तंत्र पर दीर्घकालिक निगरानी और अनुसंधान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।    

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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