चीन विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में रोजाना नित नए प्रयोग कर रहा है। चीन में हो रहे नवाचार से दुनिया अचंभित है। चीनी रोबोट ने हाल में पेइचिंग मैराथन में इंसानों को पछाड़कर इतिहास रचा। जबकि चीनी वसंत त्यौहार के दौरान चर्चा में आए रोबोट्स ने मार्शल आर्ट का शानदार प्रदर्शन कर पूरे विश्व की वाहवाही लूटी। इस तरह चीन रोबोट और एआई के क्षेत्र में अग्रणी बन गया है। इससे पहले चीनी एआई कंपनी ने डीपसीक तैयार कर दुनिया को राह दिखायी। जबकि अन्य क्षेत्रों में भी चीन के इंजीनियर और वैज्ञानिक शोध और आविष्कार कर नाम कमा रहे हैं। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के नेतृत्व में देश अन्य राष्ट्रों के सम्मुख उदाहरण पेश कर रहा है। इस तरह विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन के नागरिक देश को आगे ले जा रहे हैं।
इसी कड़ी में चीन के वैज्ञानिकों ने एक और कमाल कर दिखाया है। बताया जाता है कि चीन के ल्याओनिंग प्रांत के ताल्यान के वैज्ञानिकों ने विश्व का पहला एआई संचालित सूक्ष्मदर्शी (माइक्रोस्कोप) तैयार कर दिया है। जो पूरे विश्व के लिए बड़ी खबर है। चीनी शोधकर्ताओं द्वारा तैयार पहला एआई आधारित ट्रांसमिशन इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप (AI-TEM) सिस्टम विकसित किया है। जिसका नाम एईवाईई-1 रखा गया है। यह दुनिया में अपने तरह का पहला एआई संबंधी माइक्रोस्कोप है। ध्यान रहे कि यह सिस्टम मैनुअल ऑपरेशन से एआई आधारित पूरी तरह से स्वतंत्र ऑपरेशन की ओर बड़ी छलांग है। बता दें कि चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेज के ताल्यान इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल फिजिक्स के प्रोफेसर तंग दह्वेई कहते हैं कि परमाणु दुनिया को देखने वाली एक स्मार्ट आँख की तरह यह सिस्टम सैंपल ट्रांसफर-इमेजिंग-एनालिसिस के पूरे काम को बिना किसी इंसान की मदद के करता है, साथ ही एआई आधारित ऑपरेशन को संभव बनाता है।
ताल्यान इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल फिजिक्स के प्रोफेसर तंग और प्रोफेसर लियु वेइ के नेतृत्वा वाली टीम द्वारा विकसित इस AI-TEM सिस्टम ने पिछले दिनों एक वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धि मूल्यांकन को सफलता से पास किया। जो कि चाइना पेट्रोलियम और केमिकल इंडस्ट्री फेडरेशन द्वारा आयोजित किया गया था।
यह एक बड़ी उपलब्धि कही जा सकती है, क्योंकि आज वैज्ञानिक इस शोध में सफल नहीं हुए थे। लेकिन चीनी वैज्ञानिकों ने यह उपलब्धि हासिल करने में कामयाबी पायी है।
मूल्यांकन समिति ने सर्वसम्मति से माना कि यह तकनीक बहुत नई है और AI-TEM सिस्टम अपनी तरह का दुनिया का पहला सिस्टम है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे आगे है।
बताया जाता है कि इसकी इमेज एनालिसिस क्षमता मैनुअल प्रोसेसिंग की तुलना में 300 गुना से भी अधिक है। आप इसकी क्षमता का अनुमान इसी से लगा सकते हैं कि एईवाईई-1 के दो सप्ताह से प्राप्त डेटा, आम तौर पर एक पारंपरिक ट्रांसमिशन इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप( TEM) के एक साल के काम के बराबर है।
चीनी वैज्ञानिकों द्वारा लगातार किए जा रहे नए प्रयोगों से पता चलता है कि चीन विज्ञान को कितना महत्व दे रहा है। क्योंकि सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों से चीन में नवाचार व तकनीक का स्तर बहुत ऊँचा हो गया है। ऐसे में चीन वैश्विक स्तर पर एक अग्रणी शक्ति बन चुका है।
(अनिल पांडेय, चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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