चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो (NBS) द्वारा 16 अप्रैल, 2026 को जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस साल की पहली तिमाही में चीन की अर्थव्यवस्था ने शानदार रफ्तार पकड़ी है। साल-दर-साल आधार पर इसमें 5% की वृद्धि दर्ज की गई। पहली तिमाही में चीन की जीडीपी स्थिर कीमतों पर 334 ख़रब 19 अरब 30 करोड़ युआन (लगभग $4.87 ट्रिलियन) रही, जो पिछले साल की समान अवधि से 5.0% अधिक है। यह दिखाता है कि चीन ने ईरान युद्ध के असर को लगभग बेअसर कर दिया है और अमेरिका के साथ तेज होते व्यापार युद्ध के दबाव को भी मजबूती से झेला है।
चीनी सरकार द्वारा जारी जनवरी-मार्च के आंकड़े, जो उस अवधि के हैं जब ईरान युद्ध शुरू हुआ था, अर्थशास्त्रियों के अनुमानों से कहीं बेहतर रहे। ये आंकड़े अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में दर्ज 4.5% की वृद्धि से भी अधिक थे, जो पिछले एक साल की सबसे तेज रफ्तार है। अर्थशास्त्रियों को उम्मीद है कि दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन, ईरान युद्ध के अल्पकालिक प्रभावों का सामना करने में सक्षम रहेगा, जो अब अपने सातवें सप्ताह में है। यह साफ दिखाता है कि वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद चीन की अर्थव्यवस्था में कितनी जबरदस्त मजबूती और लचीलापन है। वैश्विक एकतरफावाद और संरक्षणवाद की विपरीत परिस्थितियों के बीच यह नतीजा कड़े संघर्ष के बाद हासिल हुआ है। यह स्थिर प्रदर्शन ठोस प्रगति के साथ आया है।
इस साल के दो सत्रों (Two Sessions) में चीनी सरकार ने आधिकारिक तौर पर अपना सालाना आर्थिक विकास लक्ष्य 4.5% से 5% तय किया है, जो 1991 के बाद की सबसे धीमी दर है। साथ ही व्यवहार में बेहतर नतीजे हासिल करने की प्रतिबद्धता भी जताई है। यह व्यावहारिक और लचीला लक्ष्य न सिर्फ चीन के उच्च-गुणवत्ता वाले विकास के समग्र ढांचे पर आधारित है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संगठनों के ताजा अनुमानों से भी पूरी तरह मेल खाता है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के शोध के अनुसार, 2026 में चीन की 4.5% या उससे अधिक की अनुमानित विकास दर वैश्विक विकास में लगभग 30% का योगदान देगी, जो सुस्त वैश्विक परिदृश्य के बीच एक अत्यंत आवश्यक संबल है।
वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य में तेजी से बढ़ती अस्थिरता के बीच, पिछले साल चीन की जीडीपी में साल-दर-साल 5% की वृद्धि हुई। चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो के अनुसार, चीन की अर्थव्यवस्था ने “वर्ष की मजबूत शुरुआत की है, जिससे इसका लचीलापन और जीवंतता और भी अधिक स्पष्ट हो गई है।” हालांकि यह वृद्धि 2026 के लिए चीन सरकार के 4.5% से 5% के सालाना लक्ष्य के दायरे में ही है, क्योंकि देश अब उच्च-गुणवत्ता वाले विकास की ओर रुख कर रहा है। बेरोजगारी दर, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक और उत्पादक मूल्य सूचकांक जैसे प्रमुख संकेतक स्थिर बने रहे। 2026 की पहली तिमाही में चीन की राष्ट्रीय प्रति व्यक्ति प्रयोज्य आय 12,782 युआन रही, जिसमें साल-दर-साल 4.9% की नाममात्र वृद्धि और मूल्य कारकों को घटाने के बाद 4.0% की वास्तविक वृद्धि दर्ज की गई।
इससे भी अहम बात यह है कि पहली तिमाही में चीन का आर्थिक पुनर्गठन जारी रहा। कुल जीडीपी में 61.7% हिस्सेदारी रखने वाले सेवा क्षेत्र में साल-दर-साल 5.2% की वृद्धि हुई, जो प्राथमिक उद्योग की 3.8% की वृद्धि से तेज है और द्वितीयक उद्योग की 5.2% वृद्धि के बराबर है। हाई-टेक विनिर्माण उत्पादन 9% बढ़ा, जो समग्र औद्योगिक वृद्धि से 300 आधार अंक तेज है।
मांग पक्ष की बात करें तो, उपभोग की भूमिका और मजबूत हुई है। 2026 की पहली तिमाही में उपभोग ने जीडीपी वृद्धि में 84.7% का योगदान दिया। कुल खुदरा बिक्री 12,769.5 अरब युआन रही, जो साल-दर-साल 2.4% बढ़ी- पिछली तिमाही से 0.7 प्रतिशत अंक अधिक। क्षेत्रीय विकास रणनीतियों के समन्वित कार्यान्वयन से क्षेत्रीय संरचना में सुधार जारी है। इसके अलावा, हरित विकास को ठोस रूप से बढ़ावा दिया गया क्योंकि देश उच्च-गुणवत्ता वाले विकास की ओर बढ़ रहा है। कुल मिलाकर, ये आंकड़े इस बात के और सबूत देते हैं कि चीन की आर्थिक वृद्धि उच्च-गुणवत्ता वाले चालक तत्वों के साथ अधिक गति प्राप्त कर रही है।
चीन की विनिर्माण क्षमता बेजोड़ है। 2024 में वैश्विक विनिर्माण मूल्य-वर्धन में 32% हिस्सेदारी और वैश्विक विकास में 30% से अधिक योगदान के साथ, यह विश्व अर्थव्यवस्था का इंजन बना हुआ है। अपनी संपूर्ण औद्योगिक प्रणाली, व्यापक आपूर्ति श्रृंखलाओं और बड़े पैमाने के उत्पादन से चीन ने वैश्विक मुद्रास्फीति और आपूर्ति संकट को कम करने में अहम भूमिका निभाई है। रुकावटों के बीच भी उत्पादन स्थिर रहा- 2025 में निर्यात 3.8 ट्रिलियन डॉलर पार कर गया। इस क्षेत्र की लचीलापन साफ है: 2026 की शुरुआत में औद्योगिक वृद्धि 6.3% रही। सीधे शब्दों में कहें तो,चीन की विनिर्माण शक्ति वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं की रीढ़ है।
साथ ही, चीन के सरकारी उद्यमों के बाज़ार-उन्मुख सुधारों ने एक निर्णायक कदम उठाया है, जहां SOEs का रणनीतिक पुनर्गठन जारी है। निजी उद्यम लगातार नए क्षेत्रों में प्रवेश कर रहे हैं और नई तकनीकों से पारंपरिक क्षेत्रों को बदल रहे हैं। बाज़ार को और खोलने के लिए चीन के उठाए गए कदमों को विदेशी निवेशकों से सराहना मिली है। 2026 की पहली तिमाही में चीन में विदेशी निवेश 36.5 अरब डॉलर रहा, जो अंतरराष्ट्रीय समुदाय के चीनी अर्थव्यवस्था में विश्वास को दर्शाता है।
संक्षेप में यह निश्चित रूप से कहा जा सकता है कि 15वीं पंचवर्षीय योजना के पहले वर्ष के रूप में, 2026 चीन के एक स्थिर शुरुआत और मजबूत नींव सुनिश्चित करने के प्रयासों का प्रतीक है। पहली तिमाही में चीनी अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन इस बात का और प्रमाण है कि इसमें मजबूत लचीलापन और जोखिम सहने की क्षमता है। स्वस्थ और स्थिर आर्थिक विकास की बुनियाद अपरिवर्तित है, और दीर्घकालिक स्थिर विकास की समग्र गति भी वैसी ही बनी हुई है। दुनिया के पास यह विश्वास करने का पूरा कारण है कि चीनी अर्थव्यवस्था इस साल अपने विकास लक्ष्यों को हासिल करने में सक्षम है।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग) (लेखक— रविशंकर बसु)

