22 मार्च को चीन विकास मंच (CDF) का वार्षिक सम्मेलन देश की राजधानी पेइचिंग में आयोजित किया गया, जिसमें कई विदेशी विद्वानों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के अधिकारियों ने चीन के आर्थिक विकास, खुली नीतियों और नवाचार क्षमताओं पर गरमागरम चर्चा में भाग लिया। कोलंबिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जेफरी सैक्स का मानना है कि चीन एक बहुत ही सकारात्मक विकास प्रवृत्ति को बनाए रखेगा क्योंकि उसने नवाचार का मार्ग चुना है। उनके विचार में चीन की निरंतर विकास गति के लिए नवाचार महत्वपूर्ण है।
विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO) की “ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स 2025” रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के छह प्रमुख नवाचार केंद्रों में से तीन चीन में स्थित हैं। इनमें सबसे प्रमुख शनचन-हांगकांग-क्वांगचो नवाचार केंद्र है, जबकि अन्य दो केंद्र पेइचिंग और शांगहाई में हैं। अर्थशास्त्री जेफ़्री सैक्स के अनुसार, यह उपलब्धि बेहद महत्वपूर्ण है। उनका मानना है कि इससे चीन को तेज़ विकास की नई गति मिली है और उसने वैश्विक अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। साथ ही, इस प्रगति ने आने वाले वर्षों को लेकर लोगों के भीतर आशा और विश्वास को भी मज़बूत किया है।
वहीं, थर्मो फिशर साइंटिफिक के चेयरमैन और सीईओ मार्क एन. कैस्पर ने कहा कि उनकी कंपनी 40 वर्षों से चीन में है और स्वस्थ चीन तथा नवोन्मेषी पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में कंपनी ने बहुत सारे संसाधन निवेश किए हैं। अगले पांच वर्षों में चीन के विकास के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि चीन उच्च गुणवत्ता वाले आर्थिक विकास को बढ़ावा देने को बहुत महत्व देता है और इसे एक महत्वपूर्ण मूल कार्य मानता है, साथ ही अधिक खुले बाजारों में निवेश बढ़ाना जारी रखेगा।”
उधर, ड्यूक खुनशान विश्वविद्यालय के अमेरिकी अध्यक्ष जॉन ए. क्वेलच ने कहा कि चीन अपनी दीर्घकालिक योजना में बेहद विश्वसनीय और दूरदर्शी है, और वह हमेशा अपने लक्ष्यों को हासिल करने में सफल रहता है। उनका मानना है कि यही बात चीन को वैश्विक अर्थव्यवस्था में नवाचार का स्रोत और स्थिरता प्रदान करने वाली शक्ति बनाती है।
क्वेलच के विचार में चीन की दीर्घकालिक योजनाओं को क्रियान्वित करने की क्षमता सराहनीय है। उन्होंने विशेष रूप से “15वीं पंचवर्षीय योजना” का उल्लेख करते हुए कहा कि इस वर्ष लागू की गई “पंचवर्षीय योजनाओं” के नए दौर ने अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों और नवाचार में निवेश को और बढ़ाया है, जिसका उद्देश्य मूल्यवर्धित सेवाओं और उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार करना और विनिर्माण एवं तकनीकी नवाचार में उच्च स्तर पर पहुंचना है।
इसके अलावा, चीन-यूरोप डिजिटल एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष और इतालवी अर्थशास्त्री लुइगी गैम्बार्डेला ने बताया कि चीन एक योजनाबद्ध देश है। उन्होंने कहा कि यूरोप में, कभी-कभी रणनीतियाँ होती हैं, और कभी-कभी स्पष्ट योजनाएँ नहीं होतीं, जबकि चीन अपनी योजनाओं को बहुत स्पष्ट रूप से व्यक्त करता है। “15वीं पंचवर्षीय योजना” विज्ञान और प्रौद्योगिकी विकास पर अत्यधिक केंद्रित है। यह कहा जा सकता है कि योजना का आधा हिस्सा विज्ञान और प्रौद्योगिकी से संबंधित है। ऐसी सरकार मिलना मुश्किल है जिसे विज्ञान और प्रौद्योगिकी विकास की इतनी गहरी समझ हो।
चीन-यूरोपीय संघ सहयोग के बारे में बात करते हुए लुइगी गैम्बार्डेला ने कहा कि चीनी कंपनियां यूरोपीय पारिस्थितिकी तंत्र और यूरोपीय हितधारकों के साथ अधिक जुड़ सकती हैं और निवेश कर सकती हैं। अगले पांच वर्षों में विनिर्माण दोनों पक्षों के बीच सहयोग का मुख्य आधार बन सकता है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

