-
एक सौ पांच साल पहले पूरी दुनिया उथल-पुथल से भरी थी। तब दुनिया के कई हिस्सों में मार्क्स और लेनिन की विचारधारा लोगों को आकर्षित कर रही थी। जगह-जगह कम्युनिस्ट आंदोलन अपनी नींव जमा रहा था। उन्हीं दिनों चीन में भी कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना की गई। भयंकर गरीबी से जूझ रहे तत्कालीन चीन में.