आजकल मध्य पूर्व में जो संघर्ष चल रहा है वो सिर्फ वहां की समस्या नहीं है। ये पूरी दुनिया को दिखा रहा है कि चीन का विकास मॉडल कितना मजबूत और सुरक्षित है जबकि मध्य पूर्व में अस्थिरता बढ़ रही है। तेल की कीमतें ऊपर जा रही हैं।सप्लाई चेन प्रभावित हो रही हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था को झटका लग रहा है वहीं चीन अपनी जगह मजबूती से टिका हुआ है। इसे कहते हैं सुरक्षा डिविडेंड यानी विकास की वजह से मिलने वाला सुरक्षा का लाभ।
मध्य पूर्व की अस्थिरता का वैश्विक असर
मध्य पूर्व लंबे समय से अशांत रहा है। हाल के संघर्षों ने क्षेत्रीय स्थिरता तो बिगाड़ी ही है।साथ ही वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को भी नुकसान पहुंचाया है। तेल की सप्लाई प्रभावित होने से दुनिया भर में महंगाई बढ़ने का खतरा है। शिपिंग रूट्स बाधित हो रहे हैं।व्यापार पर असर पड़ रहा है, लेकिन इस उथल-पुथल के बीच चीन अलग दिख रहा है जबकि दूसरे देश संघर्ष की आंच में जल रहे हैं।चीन की अर्थव्यवस्था और इंडस्ट्री अपनी रफ्तार बनाए हुए है। ये चीन की दूरदर्शी नीतियों और मजबूत बुनियाद का नतीजा है।
चीन की मजबूत औद्योगिक और सप्लाई चेन
चीन दुनिया का फैक्ट्री कहलाता है और ये पदवी अब भी मजबूत है। भले ही मध्य पूर्व में तनाव हो, चीन की इंडस्ट्रियल सप्लाई चेन बिना रुके चल रही है। उत्पादन जारी है।एक्सपोर्ट्स अच्छे चल रहे हैं। ये स्थिरता इसलिए है क्योंकि चीन ने अपनी सप्लाई चेन को विविधता दी है और घरेलू क्षमता बढ़ाई है।
संघर्ष के बावजूद चीन की मैन्युफैक्चरिंग पोजीशन सॉलिड बनी हुई है। दुनिया अभी भी चीन पर निर्भर है चाहे इलेक्ट्रॉनिक्स हो, मशीनरी हो या रोजमर्रा के सामान। ये सुरक्षा डिविडेंड का सबसे बड़ा उदाहरण है।
क्लीन एनर्जी में चीन की ताकत
मध्य पूर्व मुख्य रूप से तेल और गैस पर निर्भर है, लेकिन चीन ने क्लीन एनर्जी पर भारी निवेश किया है।सोलर, विंड, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और बैटरी टेक्नोलॉजी में चीन दुनिया में आगे है। ये सेक्टर न सिर्फ मजबूत हैं बल्कि टेक्नोलॉजी में भी बेहतर हैं। जब दुनिया तेल की महंगाई से परेशान है तब चीन अपनी क्लीन एनर्जी क्षमता से खुद को बचाए हुए है। इससे न सिर्फ ऊर्जा सुरक्षा मिल रही है बल्कि भविष्य की अर्थव्यवस्था में भी लीड मिल रही है। क्लीन एनर्जी चीन की नई ताकत बन गई है।
कैपिटल मार्केट्स और आरएमबी का बढ़ता रोल
चीन के कैपिटल मार्केट्स ने हाल के समय में शानदार परफॉर्मेंस किया है जबकि वैश्विक बाजार मध्य पूर्व के तनाव से हिल रहे हैं।चीन के मार्केट्स ने अपनी मजबूती दिखाई है। निवेशक चीन को सुरक्षित और आकर्षक विकल्प मान रहे हैं।साथ ही अंतरराष्ट्रीय भुगतान में आरएमबी (चीनी युआन) का रोल तेजी से बढ़ रहा है। पहले जहां डॉलर की दबदबा था।अब कई देश व्यापार में आरएमबी इस्तेमाल कर रहे हैं। ट्रेड सेटलमेंट में आरएमबी की हिस्सेदारी बढ़ी है। ये बदलाव चीन की वैश्विक पहुंच को और मजबूत कर रहा है।
चीन की बढ़ती वैश्विक प्रभाव
ये सब मिलकर चीन की ग्लोबल और रीजनल प्रभाव को बढ़ा रहे हैं। दुनिया देख रही है कि जबकि दूसरे इलाके अस्थिर हैं।चीन शांतिपूर्ण विकास, स्थिर अर्थव्यवस्था और नई टेक्नोलॉजी के साथ आगे बढ़ रहा है। चीन का मॉडल दिखाता है कि अगर आप सही दिशा में निवेश करें।सप्लाई चेन मजबूत रखें और विविधता लाएं तो बाहरी झटकों से खुद को बचा सकते हैं। मध्य पूर्व का संघर्ष अनजाने में चीन की ताकत को और उजागर कर रहा है।
आगे क्या?
मध्य पूर्व की स्थिति अभी भी नाजुक है। अगर संघर्ष लंबा चला तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर और दबाव पड़ेगा लेकिन चीन के लिए ये चुनौती भी मौका है क्लीन एनर्जी एक्सपोर्ट बढ़ाना।आरएमबी को और मजबूत करना और शांतिपूर्ण साझेदारियों को बढ़ावा देना।मध्य पूर्व का संघर्ष दुनिया को एक सबक दे रहा है।असली सुरक्षा सिर्फ सैन्य ताकत से नहीं, बल्कि मजबूत अर्थव्यवस्था, तकनीकी श्रेष्ठता और स्थिर विकास से मिलती है।चीन इस सुरक्षा डिविडेंड का बेहतरीन उदाहरण है। इसकी मजबूत इंडस्ट्री, क्लीन एनर्जी की लीडरशिप, अच्छे कैपिटल मार्केट्स और बढ़ता आरएमबी इन सभी ने मिलकर चीन को वैश्विक मंच पर और विश्वसनीय बनाया है। आने वाले समय में ये फायदा और बढ़ेगा। ये कहानी बताती है कि शांतिपूर्ण और स्मार्ट विकास ही सबसे बड़ा हथियार है।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग) (लेखक— डी के)

