आज अगर किसी देश की ताकत को समझना हो, तो सिर्फ उसकी सेना या उसकी अर्थव्यवस्था के आंकड़ों को देखना काफी नहीं होता। यह भी देखना पड़ता है कि वह अपने सामान को कितनी तेजी और कितनी आसानी से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचा सकता है यानी उसका लॉजिस्टिक्स नेटवर्क कितना मजबूत है। चीन ने पिछले कुछ दशकों में इसी क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाई है। इसकी सबसे अच्छी मिसाल पश्चिमी चीन के छिंगहाई प्रांत की राजधानी शीनिंग में बना शुआंगझाई लॉजिस्टिक्स सेंटर है।
लेकिन शुआंगझाई हमेशा से इतना आधुनिक नहीं था। इसकी शुरुआत काफी साधारण थी। 1980 के दशक में यह केवल एक छोटा-सा रेलवे फ्रेट स्टेशन था। यहां मालगाड़ियां आती थीं, सामान उतरता था और फिर आगे भेज दिया जाता था। धीरे-धीरे चीन का व्यापार बढ़ा, उद्योगों का विस्तार हुआ और देश ने अपने परिवहन नेटवर्क को आधुनिक बनाने पर जोर दिया। इसी बदलाव के साथ शुआंगझाई भी बदलता गया। आज यह चीन की महत्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड पहल का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है और पश्चिमी चीन को दुनिया से जोड़ने में बड़ी भूमिका निभा रहा है।
अब सवाल उठता है कि आखिर शुआंगझाई इतना खास क्यों है? इसकी सबसे बड़ी वजह इसकी भौगोलिक स्थिति है। एक तरफ यहां से छिंगहाई-शीत्सांग रेलवे गुजरती है, जबकि दूसरी तरफ G6 पेइचिंग-शीत्सांग एक्सप्रेसवे मौजूद है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग और शहर की रिंग रोड भी इसी इलाके से जुड़े हुए हैं। यानी रेल और सड़क, दोनों नेटवर्क यहां एक-दूसरे से ऐसे मिलते हैं कि सामान को किसी भी दिशा में भेजना बेहद आसान हो जाता है। यही वजह है कि आज शुआंगझाई को पश्चिमी चीन का एक बड़ा ट्रांसपोर्ट हब माना जाता है।
इस संभावना को पहचानते हुए चीन रेलवे छिंगहाई-शीत्सोंग ग्रुप ने पुराने स्टेशन को पूरी तरह आधुनिक लॉजिस्टिक्स बेस में बदल दिया। आज यह पूरे छिंगहाई प्रांत का एकमात्र रेलवे सेकेंड-लेवल लॉजिस्टिक्स बेस है। इसकी क्षमता भी काफी बड़ी है। यहां हर साल लगभग 500 लाख टन माल की लोडिंग और अनलोडिंग की जा सकती है। अगर यहां कुछ देर खड़े होकर देखा जाए, तो हर तरफ ट्रकों की आवाजाही, कंटेनरों की आवाजाही और लगातार चल रही माल ढुलाई यह साफ बता देती है कि यह सिर्फ एक स्टेशन नहीं, बल्कि चौबीसों घंटे काम करने वाला आर्थिक केंद्र है।
यहीं इसकी खासियत खत्म नहीं होती। पहले जहां लॉजिस्टिक्स का मतलब सिर्फ गोदाम माना जाता था, वहीं शुआंगझाई ने इस सोच को बदल दिया है। यहां बड़े-बड़े वेयरहाउस के साथ-साथ ई-कॉमर्स, कोल्ड चेन, सप्लाई मैनेजमेंट और लॉजिस्टिक्स फाइनेंस जैसी आधुनिक सेवाएं भी एक ही परिसर में उपलब्ध हैं। करीब 7 अरब युआन के निवेश से विकसित शुआंगझाई कॉम्प्रिहेंसिव लॉजिस्टिक्स पार्क और सिल्क रोड इंटरनेशनल लॉजिस्टिक्स सिटी का उद्देश्य साफ है। शीनिंग को पश्चिमी चीन का एक बड़ा व्यापारिक केंद्र बनाना।
अब बात केवल चीन के भीतर की नहीं रह गई है। शुआंगझाई ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भी अपनी मजबूत पहचान बनाई है। साल 2016 में यहां से पहली चीन-यूरोप मालगाड़ी कजाखस्तान, रूस, पोलैंड और जर्मनी होते हुए बेल्जियम पहुंची। यह पश्चिमी चीन के लिए एक बड़ी उपलब्धि थी। इसके बाद जून, 2024 में यहां से मध्य एशिया के लिए पहली अंतरराष्ट्रीय ट्रेन रवाना हुई। फिर दिसंबर, 2024 में नेपाल की राजधानी काठमांडू तक रोड-रेल मल्टी-मोडल सेवा शुरू की गई।
इस सेवा का एक दिलचस्प उदाहरण भी देखने को मिला। चीन में बनी नई ऊर्जा वाली इलेक्ट्रिक एसयूवी पहले रेल के जरिए देश के शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश पहुंचाई गईं। वहां से इन्हें सड़क मार्ग से नेपाल भेजा गया। इससे साफ होता है कि अब चीन केवल उत्पाद बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें तेजी से दुनिया के अलग-अलग बाजारों तक पहुंचाने की क्षमता भी विकसित कर चुका है।
इतने बड़े नेटवर्क को सुचारु रूप से चलाने के लिए आधुनिक तकनीक भी जरूरी है। यही वजह है कि शुआंगझाई में डिजिटल सिस्टम का व्यापक इस्तेमाल किया जा रहा है। ‘95306‘ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और ‘ग्रीन चैनल‘ व्यवस्था की मदद से ट्रकों की एंट्री से लेकर बाहर निकलने तक की पूरी प्रक्रिया लगभग आधे घंटे में पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। कम कागजी प्रक्रिया, ज्यादा गति और बेहतर दक्षता, यही आज के आधुनिक लॉजिस्टिक्स की सबसे बड़ी जरूरत है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस विकास का फायदा केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहा। शुआंगझाई के कारण स्थानीय लोगों की जिंदगी भी बदल रही है। माल ढुलाई की लागत कम हुई है, कारोबारियों के लिए नए बाजार खुले हैं और रोजगार के हजारों अवसर पैदा हुए हैं। यही वजह है कि आज शुआंगझाई क्षेत्र सिर्फ एक रेलवे स्टेशन नहीं, बल्कि पूरे छिंगहाई प्रांत के आर्थिक विकास का नया इंजन बनकर उभर रहा है।
(अखिल पाराशर, CGTN हिन्दी संवाददाता, बीजिंग)
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